कांवड़ यात्रा के लिए मेरठ की ट्रैफिक प्लानिंग तैयार, इकोनॉमिक कॉरिडोर और गंगा एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे वाहन
मेरठ। 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर मेरठ पुलिस और प्रशासन ने यातायात व्यवस्था की तैयारियां तेज कर दी हैं। 21 से 25 जुलाई के बीच ट्रैफिक प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस दौरान पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठकें भी आयोजित होंगी, ताकि यात्रा के दौरान यातायात संचालन सुचारु बना रहे।
योजना के तहत दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे (इकोनॉमिक कॉरिडोर) और गंगा एक्सप्रेसवे को सामान्य वाहनों के संचालन के लिए खुला रखा जाएगा। कांवड़ियों का आवागमन इन दोनों मार्गों पर नहीं होगा। देहरादून, सहारनपुर और दिल्ली जाने वाले वाहनों को इन वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा, जिससे शहर के भीतर यातायात का दबाव कम किया जा सके।
जलाभिषेक से पांच दिन पहले भारी वाहनों पर रोक
प्रशासन ने निर्णय लिया है कि जलाभिषेक से पांच दिन पहले शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। केवल दूध, दवा, फल-सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को ही निर्धारित शर्तों के साथ प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
डीएमई रहेगा चालू
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर हल्के वाहनों का संचालन पूर्व वर्षों की तरह जारी रहेगा। वहीं हापुड़ रोड के माध्यम से वाहनों को गंगा एक्सप्रेसवे पर भेजा जाएगा। हालांकि भारी वाहनों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
एडीजी बोले- बढ़ सकती है कांवड़ियों की संख्या
अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने बताया कि कांवड़ यात्रा की ट्रैफिक व्यवस्था पर लगातार काम किया जा रहा है। इकोनॉमिक कॉरिडोर और गंगा एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों का संचालन नहीं होगा, जबकि इन मार्गों से सामान्य वाहनों का आवागमन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष करीब चार करोड़ श्रद्धालुओं ने हरिद्वार से गंगाजल लिया था। इस बार संख्या और बढ़ने की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
वैकल्पिक मार्ग निर्धारित
मवाना चौपला, माल रोड, टैंक चौपला, गांधी बाग, कंकरखेड़ा और करनाल हाईवे के रास्ते वाहनों को इकोनॉमिक कॉरिडोर पर भेजा जाएगा। वहीं यूनिवर्सिटी रोड, तेजगढ़ी, एल ब्लॉक, बिजली बंबा, परतापुर इंटरचेंज और हापुड़ रोड के जरिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तथा गंगा एक्सप्रेसवे तक यातायात संचालित किया जाएगा।
प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आम लोगों को भी न्यूनतम असुविधा के साथ सुचारु यातायात उपलब्ध कराना है।


No comments:
Post a Comment