‘प्रज्ञा 2026’ में गूंजा शिक्षा और सेवा का संकल्प

 शोभित विश्वविद्यालय ने 25 दिव्यांग विद्यार्थियों की पढ़ाई का उठाया जिम्मा

मेरठ। शोभित विश्वविद्यालय, मेरठ में विश्वविद्यालय दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय समारोह ‘प्रज्ञा 2026’ का शुक्रवार को उत्साह और उल्लास के साथ समापन हुआ। यह विशेष दिवस विश्वविद्यालय के सह-संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. शोभित कुमार के जन्मदिवस के अवसर पर मनाया गया। समारोह के माध्यम से विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग-सहयोग, सामाजिक सेवा और समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में अपने संकल्प को दोहराया।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र ने कहा कि ‘प्रज्ञा 2026’ केवल विश्वविद्यालय दिवस का उत्सव नहीं, बल्कि सह-संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. शोभित कुमार के दूरदर्शी विचारों और शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1924 में गंगोह में पहला विद्यालय स्थापित करने से शुरू हुई यात्रा का उद्देश्य शिक्षा को उन लोगों तक पहुंचाना रहा है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ‘प्रज्ञा’ एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि वर्षभर बेहतर कार्य करने का सामूहिक संकल्प है।

कुलपति प्रो. वीके त्यागी ने कहा कि ‘प्रज्ञा 2026’ शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व को एक साथ जोड़ने वाली सार्थक पहल है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान के लिए तैयार करना है।



मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. अरविंद कुमार, पूर्व कुलपति रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी ने सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने और स्थायी भविष्य के निर्माण में कृषि की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सतत कृषि खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास की आधारशिला है। विद्यार्थियों को कृषि को पारंपरिक व्यवसाय के बजाय नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन के व्यापक अवसरों वाले क्षेत्र के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ नाइस स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज के नवनिर्मित लीडरशिप ब्लॉक में हवन एवं यज्ञ के साथ हुआ। इसके बाद ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल की ओर से उद्योग-शैक्षणिक सहयोग समझौता समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान लेमफोर्ड बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, मीनू पेपर मिल्स, हार्वेस्टिंग फार्मर्स नेटवर्क और आईसीटी अकादमी के साथ समझौते किए गए। इन सहयोगों से विद्यार्थियों को अनुसंधान, प्रयोगशाला कार्य, प्रशिक्षण, औद्योगिक अनुभव, रोजगार सहायता और परामर्श के बेहतर अवसर मिलेंगे।

कार्यक्रम में लेमफोर्ड बायोटेक के प्रबंध निदेशक डॉ. गौरव सिसोदिया और हार्वेस्टिंग फार्मर्स नेटवर्क के सीईओ रुचित गर्ग का भी विशेष उल्लेख किया गया, जो शोभित विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी हैं। अपनी मातृ संस्था के विकास में सफल पूर्व विद्यार्थियों की सहभागिता को विश्वविद्यालय परिवार ने गौरव का विषय बताया।

सामाजिक सरोकारों के तहत विश्वविद्यालय ने ‘प्रोजेक्ट उम्मीद’ की शुरुआत की। इसके अंतर्गत 25 दिव्यांग विद्यार्थियों की वार्षिक शैक्षणिक आवश्यकताओं का खर्च विश्वविद्यालय वहन करेगा। विश्वविद्यालय के अनुसार, पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शारीरिक या सामाजिक परिस्थितियां किसी विद्यार्थी की शिक्षा और उसके सपनों में बाधा न बनें।

कार्यक्रम में प्रबंधन शिक्षा के 1995-97 बैच के पूर्व विद्यार्थियों ने भी विद्यार्थियों के साथ अनुभव साझा किए। निदेशक प्रो. अशोक कुमार ने विश्वविद्यालय की प्रगति और उपलब्धियों का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। लॉ विभाग की ओर से वृद्धाश्रम और जरूरतमंद लोगों के बीच भोजन वितरण कर सेवा एवं करुणा का संदेश दिया गया।

समारोह का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ। विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्साह और उमंग का वातावरण बनाया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी निदेशक, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।


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