1 अगस्त से बदल जाएगा तत्काल टिकट बुकिंग का तरीका, रेलवे काउंटर पर लागू होगा टोकन सिस्टम

एसी तत्काल के लिए 10 और स्लीपर के लिए 15 टोकन ही जारी होंगे, मूल पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 अगस्त 2026 से पश्चिम मध्य रेलवे के टिकट आरक्षण काउंटरों पर तत्काल टिकट बुकिंग के लिए नई टोकन व्यवस्था लागू की जाएगी। रेलवे का उद्देश्य काउंटरों पर होने वाली भीड़, धक्का-मुक्की और दलालों की मनमानी पर रोक लगाना है।

नई व्यवस्था के तहत तत्काल टिकट बुक कराने के इच्छुक यात्रियों को पहले टोकन लेना होगा। इसके बाद टोकन के क्रम के अनुसार ही काउंटर से तत्काल टिकट जारी किया जाएगा। प्रत्येक रिजर्वेशन काउंटर से सीमित संख्या में ही टोकन दिए जाएंगे।

रेलवे के नए नियम के अनुसार, एक काउंटर से एसी तत्काल टिकट के लिए अधिकतम 10 टोकन और स्लीपर तत्काल टिकट के लिए अधिकतम 15 टोकन जारी किए जाएंगे। इससे काउंटर पर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

टोकन के लिए तय किया गया समय

एसी तत्काल टिकट के लिए टोकन सुबह 8:30 बजे से 9:00 बजे तक वितरित किए जाएंगे। वहीं, स्लीपर तत्काल टिकट के लिए यात्रियों को सुबह 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच टोकन लेना होगा। यात्रियों को निर्धारित समय के भीतर ही संबंधित टिकट काउंटर पर पहुंचना होगा।

मूल पहचान पत्र दिखाना जरूरी

नई व्यवस्था के तहत टोकन प्राप्त करने के लिए यात्रियों को अपना मूल पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यात्री आधार कार्ड या अन्य वैध फोटो पहचान पत्र दिखाकर ही टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ यात्रा से संबंधित पूरा विवरण भी देना होगा। पहचान पत्र और जरूरी यात्रा विवरण उपलब्ध नहीं कराने पर टोकन जारी नहीं किया जाएगा।

रेलवे की इस नई व्यवस्था का उद्देश्य तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और आम यात्रियों को दलालों तथा बिचौलियों की मनमानी से राहत दिलाना है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि तत्काल टिकट बुक कराने से पहले नए नियमों और निर्धारित समय का ध्यान रखें।

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