पीएमएसएमए दिवस पर 1987गर्भवतियों की जांच, 95 हाई रिस्क गर्भावस्था चिन्हित

गंभीर मामलों को उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया गया

मेरठ। जनपद के स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान 1987गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई, जिनमें 95 महिलाओं को उच्च जोखिम गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) श्रेणी में चिन्हित किया गया। सभी गंभीर मामलों को आगे के उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से अभियान चलाया गया। जांच के दौरान गर्भवतियों का ब्लड प्रेशर, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया। जांच में 107 महिलाओं में जटिल गर्भावस्था के लक्षण पाए गए।

उन्होंने बताया कि खून की कमी से पीड़ित 39 गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोज इंजेक्शन लगाए गए।

एनएचएम की नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है

जिला सलाहकार मातृ स्वास्थ्य इलमा अजीम ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस पर विशेष रूप से दूसरी और तीसरी तिमाही की गर्भवती महिलाओं पर फोकस किया जाता है, ताकि उच्च जोखिम गर्भावस्था की समय रहते पहचान कर उचित उपचार सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान परिवार नियोजन के संबंध में भी महिलाओं की काउंसलिंग की गई।



आज से शुरू हुआ पीएमएसएमए उत्सव

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) उत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दांतल में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन एसीएमओ (आरसीएच) डॉ. राजेश कुमार ने किया।

उन्होंने बताया कि जिले में अब गर्भवती महिलाओं को पीएमएसएमए की सुविधा 72 के बजाय 76 स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध होगी। अभियान में चार नए केंद्र—सीएचसी दांतल, सीएचसी फलावदा, यूपीएचसी जागृति विहार और यूपीएचसी शताब्दी नगर—को शामिल किया गया है। इन केंद्रों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच, आवश्यक परीक्षण, परामर्श, हाई रिस्क गर्भावस्था की पहचान तथा जरूरत पड़ने पर रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं तक गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। इस मौके पर एनएचएम सीएमओ डा.राजकुमार,डा. रचना, डा. विजय लक्ष्मी, डा . रजना,  फार्मासिस्ट देवेन्द्र कुमार शर्मा, राहुल जोशी आदि मौजूद रहे। 

No comments:

Post a Comment

Popular Posts