मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय में भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) की 18वीं नेशनल कल्चरल बोर्ड मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में देशभर के कुलपतियों, शिक्षाविदों, कला एवं संस्कृति विशेषज्ञों और युवा गतिविधियों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालयों में सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा देना और भारतीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर सुभारती विश्वविद्यालय के सम-कुलाधिपति मेजर जनरल (डॉ.) जी.के. थपलियाल, कुलपति प्रो. (डॉ.) मुनीश सी. रेड्डी, एआईयू की महासचिव डॉ. पंकज मित्तल, संयुक्त सचिव डॉ. आलोक कुमार मिश्रा, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. लवली शर्मा, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. स्मिता सहस्रबुद्धे सहित कई विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. मुनीश सी. रेड्डी ने कहा कि शिक्षा, कला और संस्कृति का समन्वय ही संवेदनशील एवं रचनात्मक समाज का निर्माण करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि बैठक से निकलने वाले सुझाव देशभर के विश्वविद्यालयों में सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा देंगे।
एआईयू के अध्यक्ष एवं छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अकादमिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी उतनी ही आवश्यक हैं। उन्होंने प्रत्येक विश्वविद्यालय से हर विद्यार्थी को कम से कम एक सांस्कृतिक गतिविधि से जोड़ने का आह्वान किया।
एआईयू की महासचिव डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि विद्यार्थियों का समग्र विकास तभी संभव है जब शिक्षा के साथ कला, संस्कृति और साहित्य को समान महत्व दिया जाए। उन्होंने शिक्षकों से भी सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
बैठक में सुभारती विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय और मंच कला विभाग की उपलब्धियों की जानकारी दी गई। बताया गया कि विश्वविद्यालय ने वर्ष 2023-24 में एआईयू सेंट्रल ज़ोन यूथ फेस्टिवल की सफल मेजबानी की थी और उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के साथ एमओयू के माध्यम से पिछले पांच वर्षों से सांस्कृतिक संरक्षण एवं प्रशिक्षण का कार्य कर रहा है।
बैठक में वर्ष 2026-27 के जोनल एवं राष्ट्रीय युवा महोत्सव की नीति, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों को आयोजनों के आवंटन सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श कर अंतिम रूप दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में ललित कला संकाय की अध्यक्षा प्रो. (डॉ.) भावना ग्रोवर ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ. सीमा शर्मा और डॉ. निशा सिंह ने किया।


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