बारिश में कलेक्ट्रेट गेट पर घंटों डटे रहे किसान, 15 सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन

मेरठ। किसान मजदूर संगठन के बैनर तले मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। लगातार हो रही बारिश के बावजूद किसानों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किसानों की नोकझोंक भी हुई। काफी देर तक ज्ञापन स्वीकार नहीं किए जाने से नाराज किसान गेट पर ही डटे रहे।


घंटों तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 15 सूत्रीय ज्ञापन स्वीकार किया, जिसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।


ज्ञापन में किसानों ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 50 हजार रुपये अनुदान, सभी किसानों की कर्ज माफी, गन्ने का समर्थन मूल्य 550 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने तथा गन्ना किसानों का बकाया भुगतान 14 दिन के भीतर कराने की मांग की। उन्होंने भुगतान में देरी करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ कार्रवाई और ब्याज सहित भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई।


किसानों ने डीएपी और यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने, मिलावटी खाद, बीज और कीटनाशकों पर रोक लगाने तथा नकली खाद्य पदार्थ और दवाइयों के कारोबार पर सख्त कानून बनाने की मांग भी की। इसके अलावा हिंडन, काली, कृष्णा और धमोला नदियों के प्रदूषण पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।


ज्ञापन में आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा, गौशालाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच, किसान एवं मजदूर परिवारों के लिए निःशुल्क शिक्षा और चिकित्सा, 50 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को पांच हजार रुपये मासिक पेंशन तथा स्नातक बेरोजगार युवाओं को 15 हजार रुपये मासिक भत्ता देने की मांग भी शामिल रही।


संगठन ने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों पर किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जबकि निजी दुकानों पर खाद के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। किसानों ने यह भी कहा कि पिछले वर्ष जिला प्रशासन को दी गई कई शिकायतों का अब तक निस्तारण नहीं हुआ है।


धरना समाप्त करने से पहले किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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