हिमाचल में मानसून का कहर: 15 की मौत, बादल फटने से पुल बहे, 75 सड़कें बंद
भूस्खलन और बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई जिलों में स्कूल बंद
शिमला (एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य में 10 जुलाई तक बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। शिमला समेत कई जिलों में भारी बारिश के चलते शुक्रवार को स्कूल बंद रहे, जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी जारी की है।
राजधानी शिमला में गुरुवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं हुईं। विकासनगर क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि टूटू इलाके में पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा।
कुल्लू में बादल फटा, 10 पुल बहे
बुधवार को कुल्लू जिले की गड़सा घाटी में बादल फटने के बाद गड़सा नाले में आई भीषण बाढ़ से 10 छोटे पुल बह गए। इसके चलते कई गांवों का संपर्क टूट गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। पुल बहने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किन्नौर में बेली ब्रिज डूबा
किन्नौर जिले के पूह उपमंडल के लिप्पा क्षेत्र में बारिश के बाद पेजर नाले में आई बाढ़ और मलबे के कारण तेती खड्ड का बहाव रुक गया। इससे लिप्पा गांव को जोड़ने वाला करीब 100 फीट लंबा लोहे का बेली ब्रिज पानी में डूब गया, जिससे क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हो गया।
75 सड़कें बंद, बिजली-पानी व्यवस्था भी प्रभावित
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, गुरुवार देर शाम तक 75 सड़कें बंद हो चुकी थीं। इसके अलावा 29 बिजली ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए हैं, जबकि पेयजल आपूर्ति की पांच योजनाएं भी बाधित हो गई हैं।
मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।


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