135वें स्थापना दिवस पर मेरठ कॉलेज ने गुणवत्ता, नवाचार और रोजगारोन्मुख शिक्षा का लिया संकल्प

हवन-पूजन के साथ मनाया स्थापना दिवस, नए पाठ्यक्रम और आधुनिक सुविधाओं की घोषणा

मेरठ। मेरठ कॉलेज का 135वां स्थापना दिवस बुधवार को केंद्रीय पुस्तकालय परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन के साथ श्रद्धापूर्वक मनाया गया। समारोह में महाविद्यालय के सचिव विवेक कुमार गर्ग मुख्य यजमान तथा प्रबंध कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य संजीवेश्वर प्रकाश सह-यजमान रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. सीमा पवार ने किया, जबकि आयोजन का संयोजन संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. वाचस्पति ने किया।

स्थापना दिवस समारोह में सचिव विवेक कुमार गर्ग ने कहा कि वर्ष 1892 में स्थापित मेरठ कॉलेज अपनी 135 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) में उत्कृष्ट ग्रेड दिलाने तथा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रबंध समिति लगातार प्रयासरत है। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष स्ववित्तपोषित और पारंपरिक दोनों प्रकार के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के प्रति विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा है।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप छात्रावास भवनों का शैक्षणिक उपयोग किया जाएगा। साथ ही ऐतिहासिक मंगल पांडे सभागार को डिजिटल तकनीक से आधुनिक बनाया जाएगा तथा परिसर में एक अत्याधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण की भी योजना है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र से बी.कॉम. ऑनर्स और बी.ए. एलएल.बी. जैसे दो नए रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं।

प्रबंध कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य संजीवेश्वर प्रकाश ने कहा कि मेरठ कॉलेज केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की ऐतिहासिक संस्था है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, कौशल विकास और आधुनिक संसाधनों के माध्यम से महाविद्यालय नई उपलब्धियां हासिल करेगा।

उन्होंने बताया कि जून के अंतिम सप्ताह में आयोजित रोजगार मेले में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों ने 145 विद्यार्थियों का कैंपस प्लेसमेंट किया। विद्यार्थियों को अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए वर्तमान सत्र में कम से कम दो और रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।

समारोह में डॉ. कपिल सिवाच, डॉ. चंद्रशेखर भारद्वाज, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. अर्चना सिंह, प्रो. नीरज कुमार, प्रो. सतीश प्रकाश, डॉ. एम.पी. वर्मा तथा विपिन कुमार सहित शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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