सीसीएसयू के कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव को दी गई भावभीनी विदाई
ज्योतिभा फुले रूहेलखंड विवि के बने परीक्षा नियंत्रण
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, के कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव का स्थानांतरण महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली में परीक्षा नियंत्रक के पद पर होने के उपरांत सोमवार को विश्वविद्यालय परिवार द्वारा उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।
विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय में आयोजित गरिमामय समारोह में शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके कार्यकाल को याद करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं प्रदान कीं। डॉ. अनिल कुमार यादव ने 10 जून 2025 को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में कुलसचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। लगभग एक वर्ष के अपने कार्यकाल में उन्होंने प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन एवं समर्पण के साथ विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यों का सफल संचालन किया। अपने सरल, सहज एवं शांत स्वभाव के कारण वे विश्वविद्यालय परिवार के बीच अत्यंत लोकप्रिय रहे। उनके सहयोगात्मक व्यवहार और सकारात्मक कार्यशैली ने शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित किए।
इस अवसर पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने डॉ. यादव के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों को अत्यंत कुशलता एवं पारदर्शिता के साथ संपादित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रगति और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा विभिन्न प्रशासनिक चुनौतियों का धैर्य एवं सूझबूझ से सामना किया। कुलपति ने कहा कि डॉ. यादव एक कर्मठ, अनुशासित एवं सकारात्मक सोच वाले अधिकारी हैं और उन्हें विश्वास है कि वे अपनी नई जिम्मेदारी को भी पूरी निष्ठा एवं सफलता के साथ निभाएंगे। समारोह में उपस्थित शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी डॉ. यादव के व्यक्तित्व और कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके चेहरे पर कभी आक्रोश नहीं देखा गया। वे प्रत्येक परिस्थिति में शांतचित्त रहकर समस्याओं का समाधान निकालने में विश्वास रखते थे। उनकी विनम्रता, सहजता एवं सभी के प्रति सम्मानजनक व्यवहार ने उन्हें विश्वविद्यालय परिवार के बीच विशेष पहचान दिलाई।
इस अवसर पर डॉ. अनिल कुमार यादव ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में बिताया गया समय उनके जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक रहेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों से उन्हें सदैव सहयोग, स्नेह एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिसके लिए वे सभी के प्रति कृतज्ञ हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विश्वविद्यालय निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और प्रदेश में शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखेगा।


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