सीसीएययू में 38वां दीक्षांत समारोह 22 जुलाई को
20 को कृषि विवि 21 को मां शांकुभरी देवी विवि में आयोजित होगा दीक्षा समारोह
मेरठ। चौ.चरण सिंह विवि का 38 वां दीक्षांत समारोह 22 जुलाई को विवि के नेता जी सुभाष चंन्द्र बोस प्रेक्षागृह में आयोजित किया जाएगा। इससे पूर्व सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि में 20 जुलाई को एवं 21 जुलाई को सहारनपुर स्थित मां शाकुंभरी विवि का दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जाएगा। कुलाधिपति व राज्यपाल से तीनों तारीखों को हरी झंडी मिलने के बाद दीक्षांत समाेराेह की तैयारी आरंभ हो गयी है।
इस साल होने वाले दीक्षांत समारोह में कई अहम बदवावों की सूचना विवि की ओर से जारी की जा चुकी है। इसमें दीक्षांत समारोह में दिए जाने वाले गोल्ड मेडल और श्रेष्ठता सूची के लिए नई नियमावली लागू कर दी गयी है। नई व्यवस्था के तहत अब केवल संस्थागत पाठयक्रमों के छात्रों को ही पदक के लिए पात्र माना जाएगा। जबकि प्राइवेट एवं ओपन एंड डिस्टेंस लर्निग पाठयक्रमों के छात्रों को इस दायरे से बाहर कर दिया गया है। विवि के इस फैसले से बड़ी संख्या में उन छात्रों को झटका लगा है जो प्राइवेट या डिस्टेंस मोड में पढ़ाई कर दीक्षांत समारोह में सम्मान होने की उम्मीद लगाए बैठे थे। नयी नियमावली में स्पष्ट कर दिया गया है। कि केवल नियमित पाठयक्रमों के सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ही गोल्ड मेडल और श्रेष्ठता पत्र दिया जाएगा।
अधिक अंक मिलेगी प्राथमिकता
नए नियमों के अनुसार किसी विषय या पाठयक्रम (मेडिकल कोर्स को छोड़कर ) मे यदि विद्यार्थियों की संख्या छह या उससे कम है तो उस विषय की मेरिट सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। ऐसे पाठयक्रमों के छात्रों को न तो पदक मिलेगा न ही श्रेष्ठता प्रमाण पत्र विवि के सभी डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स को भी मेरिट सूची से बाहर रखा गया है। यदि किसी कोर्स को में दो या अधिक छात्र संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर रहते है तो वाह्य सैद्धातिक परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र की प्राथमिकता दी जाएगी।हांलाकि संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पाने वाले सभी छात्रों को पदक प्रदान किया जाएगा। समान सिलेक्ट वाले पाठयक्रमों के लिए सयुक्त मेरिट सूची बनाई जाएगी और एक ही पदक दिया जाएगा। बीए योगिक सांइस और बीएससी योगिक सांइस जैसे पाठयक्रम इसके उदाहरण होंगे। दोषी पाए गये छात्र मेरिट से होंगे बाहर
विवि ने मेरिट सूची के लिए पात्रता शर्ते कड़ी कर दी है। बैक पेपर,इम्प्रूमेंट परीक्षा देने वाले ,एक्स स्टूडेट और पढ़ाई में वर्ष या सेमेस्टर गैप लेने वाले छात्रों को श्रेष्ठता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। यूएफएम मामले में केवल कैटेगरी प्रथम वाले छात्रों को ही राहत मिलेगी। जबकि एक से अधिक श्रेणी में दोषी पाए गये छात्र मेरिट से बाहर रहेंगे। साथ ही विवि ने यह भी साफ कर दिया है कि चुनौती मूल्यांकन और स्क्रूटनी के बाद यदि अंकों के आधार पर संबधित छात्र को मेरिट सूची में शामिल किया जाएगा।


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