मेरठ में पहले दिन 14677 अभ्यर्थियों ने छोड़ी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा
कड़े से लेकर तुलसी माला तक उतरवाई, सीधे लखनऊ से निगरानी
पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने किया परीक्षा केन्द्राें का निरीक्षण
मेरठ। जिले के 48 केन्द्रों पर आरंभ हुई यूपी पुलिस कांस्टेबिल भर्ती परीक्षा के पहले दिन 14677 अभ्यथियों ने परीक्षा छोड़ दी। 29187 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। हर परीक्षा केंद्र की सीधे लखनऊ से निगरानी की जा रही थी। मेरठ में पहले दिन किसी भी केंद्र से गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं मिली।
जनपद मेरठ में परीक्षा के लिए 48 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 37 परीक्षा केंद्र शहरी क्षेत्र तो 11 परीक्षा केंद्र देहात क्षेत्र में हैं। एक पाली में 22032 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। इस लिहाज से छह पालियों में 1,32,192 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।सोमवार को परीक्षा का पहला दिन रहा। सुबह से ही केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की भीड़ जुटनी शुरु हो गई। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र देखने के बाद ही केंद्र में प्रवेश दिया। पहले दिन 44064 अभ्यर्थियों में से 14677 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।सुबह पहली पाली में 22032 अभ्यर्थियों में से 14641 उपस्थित रहे जबकि 7191 ने परीक्षा छोड़ दी। इसी तरह दूसरी पाली में पंजीकृत 22032 अभ्यर्थियों में से 14546 ने परीक्षा दी और 7486 अनुपस्थित रहे।
कड़े से लेकर तुलसी माला तक उतरवाई
परीक्षा के मद्देनजर सख्त चेकिंग की व्यवस्था की गई थी। अभ्यर्थी को केवल प्रवेश पत्र, एक आईडी व बॉल पेन के साथ प्रवेश दिया गया। इसके अलावा हाथ में पहने कड़े, गले में पड़ी सोने की चेन, यहां तक कि तुलसी की माला तक भी उतरवा दी गई। सिर से पैर तक अच्छी तरह तलाशी लेने के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश दिया गया।
व्यवस्था का जायजा लेते दिखे अफसर
परीक्षा को लेकर अफसर भी अलर्ट दिखाई दिए। सुबह से ही एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय केंद्रों का निरीक्षण करते दिखाई दिए। उनके अलावा नोडल अधिकारी/एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने खुद परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं को परखा। एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह भी केंद्रों पर दिखाई दिए।
टीआई संभाले रहे बस अड्डों की व्यवस्था
परीक्षा के मद्देनजर बेहतर ट्रेफिक प्लान तैयार किया गया था। मुख्य प्वाइंट पर खुद ट्रेफिक प्रभावी व अन्य इंस्पेक्टर जिम्मेदारी संभाले हुए थे, जिनमें सिटी रेलवे स्टेशन, भैसाली बस डिपो और सोहराबगेट बस स्टेशन भी शामिल रहा। केंद्रों के बाहर भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किया गया था। ताकि जाम ना लगे।
बस व ट्रेन पकड़ने के लिए मारा मारी
परीक्षा छूटने के बाद बस स्टेशन पर खासी मारामारी देखने को मिली। जिसको जहां से जगह मिली, वह बस में चढ़ गया। महिलाओं के लिए यह सफर मुश्किल भरा साबित हुआ। इसी तरह की स्थिति सिटी रेलवे स्टेशन की भी दिखी।
परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों में मानो ट्रेन में चढ़ने की होड़ मच गई। ट्रेन की बोगी भर गई। अंदर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। जिसके बाद अभ्यर्थी गेट पर लटके दिखाई दिए। जीआरपी ने किसी तरह स्थिति को संभाला। तब जाकर ट्रेनों को रवाना कराया।
परीक्षा देकर आए अभ्यथियों ने परीक्षा को काफी अच्छा बताया लेकिन पेपर का खौफ उसके चहेरे पर सााफ दिखाई दे रहा था।




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