देशभक्ति नारों से गूंजा शहर

क्रांति दिवस पर निकली भव्य प्रभात फेरी

जिलाधिकारी के नेतृत्व में गांधी आश्रम से शहीद स्मारक तक हुआ आयोजन

शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर क्रांतिकारियों को किया गया नमन

मेरठ। 10 मई 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा एवं क्रांति दिवस के उपलक्ष्य में आज जनपद में जिलाधिकारी के नेतृत्व में गांधी आश्रम से शहीद स्मारक तक भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। प्रभात फेरी में सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों, आमजनमानस, स्कूली छात्राओं, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता कर राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।



प्रभात फेरी के दौरान पूरा मार्ग देशभक्ति के जयकारों, राष्ट्रगान एवं प्रेरणादायी नारों से गूंज उठा। हाथों में तिरंगा एवं राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत संदेश लिए प्रतिभागियों ने 1857 की क्रांति के अमर सेनानियों के शौर्य, साहस एवं बलिदान को स्मरण किया। मेरठ की इसी पावन धरती से 10 मई 1857 को स्वतंत्रता की वह पहली चिंगारी प्रज्ज्वलित हुई, जिसने पूरे देश में आजादी के महासंग्राम का स्वरूप धारण कर लिया। स्कूली छात्राओं द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों एवं नारों ने वातावरण को और अधिक ऊर्जावान एवं प्रेरणादायी बना दिया।



प्रभात फेरी गांधी आश्रम से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए शहीद स्मारक पहुंची, जहां जिलाधिकारी सहित उपस्थित अधिकारियों एवं नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर अमर शहीदों एवं क्रांतिकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके अद्वितीय बलिदान को नमन किया। शहीद स्मारक पर उपस्थित सभी लोगों द्वारा सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया गया तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं गौरव को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि 10 मई 1857 की क्रांति भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का वह ऐतिहासिक अध्याय है जिसने देशवासियों के भीतर स्वतंत्रता की अलख जगाई और विदेशी शासन के विरुद्ध संघर्ष की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि मेरठ की धरती को इस महान क्रांति की जन्मस्थली होने का गौरव प्राप्त है, जिसे सदैव गर्व एवं सम्मान के साथ स्मरण किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने युवाओं एवं छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्रसेवा की भावना को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा अमर क्रांतिकारियों के आदर्शों से प्रेरणा लें।

कार्यक्रम में सिविल डिफेंस के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts