सोहराब गेट बस अड्डे को शिफ्ट करने की तैयारी

किसानों के विरोध के बीच रोडवेज ने भूमि पर लिया कब्जा

 मेरठ। मेडा द्वारा लोहिया नगर में किसानों द्वारा कब्जाई गयी जमीन से कब्जा लेने के बाद रोडवेज ने बसों को खड़ा करने के बाद आगे की कार्रवाई आरंभ कर दी है। 

 सोहराब गेट बस अड्डे का पीपीपी माडल के तहत विकास कार्य 60 करोड़ की लागत से किया जाना है। इसके लिए लोहिया नगर में दो वर्ष के लिए अस्थायी रूप से बस अड्डे को शिफ्ट किया जाएगा। रोडवेज ने मेरठ विकास प्राधिकरण के साथ लोहिया नगर में भूमि पर कब्जा ले लिया गया। 10 बसें भी वहां पर खड़ी कर दी गई।

क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप नायक ने बताया कि एक माह में भूमि का समतलीकरण और शेड बनने का कार्य पूरा हो जाएगा। जिसके बाद यहीं से बसों का संचालन होगा। उधर, सोहराब गेट बस अड्डे की बसों को अस्थाई रूप से लोहियानगर में स्थानांतरित करने के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण की आवासीय योजना लोहियानगर में भूमि दी गई थी।

लोहियानगर बस अड्डे के लिए खाली कराई भूमि, किसानों ने किया विरोध

सोहराब गेट बस अड्डे की बसों को अस्थाई रूप से लोहियानगर में स्थानांतरित किया जाना है। इसके लिए मेरठ विकास प्राधिकरण मेडा की आवासीय योजना लोहियानगर में भूमि दी गई थी। उस भूमि पर किसानों का कब्जा है, जिसे मेडा ने सचिव आनंद सिंह की अगुवाई में अभियान चलाकर खाली कराया।

भूमि खाली कराते ही सोहराब गेट से बसें पहुंचने लगीं, हालांकि किसानों ने बसों को भी रोकने का प्रयास किया। किसान नेता गौरव गुर्जर ने कहा कि किसानों से जबरन भूमि खाली कराई गई है। मेडा ने अपना वादा नहीं निभाया क्योंकि 2015 में एक निर्णय हुआ था जिसके तहत किसानों को अतिरिक्त प्रतिकर दिया जाना था। अतिरिक्त प्रतिकर के निर्णय के तहत छोटे किसानों को चेक व बड़े किसानों को प्लाट मिलना था। अतिरिक्त प्रतिकर दिए बिना ही भूमि ली गई है।

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