जनगणना 2027
15 साल बाद जनगणना हुई शुरू
डिजिटल जनगणना में मतदाता खुद भर सकेंगे जानकारी
घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक,7 से 21 मई तक का मौका्र पूछे जाएंगे 33 सवाल
मेरठ। मेरठ समेत पूरे प्रदेश में 15 साल बाद जनगणना-2027 का बिगुल बज गया है। गुरूवार से इस बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना का कार्य आरंभ हो गया है। जनगणना के बारे में डीएम डा. वी के सिंह ने मीडिया को ब्रीफिंग करते हुए विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी जिसमें नागरिकों को अपनी जानकारी खुद दर्ज करने (सेल्फ-एन्युमरेशन) की आजादी दी गई है।
6443 प्रगणक और 1075 पर्यवेक्षक सूचनाए एकत्र करेंगे
उन्होंने बताया हाऊस लिस्टिंग के अंतर्गत 22 मई से 20 जून तक 6443 प्रगणक और 1075 पर्यवेक्षक के माध्यम से जनपद के सभी 22 जार्चाे में सभी भवनों ,मकानों और संस्थाओं से संबंधित लगभग 33 प्रकार की सूचनाएं एकत्र की जाएंगी । यह जनगणना का सबसे महत्वपूर्ण चरण होगा। जनगणना से हमें यह पता चलता है। कि हमारे क्षेत्र में कितने लोग है और आवश्यकता क्या है। इसी आधार पर सरकार योजनाएं बनाती है और विकास कार्याे केा आगे बढ़ाती है।
डीएम ने कहा लोगों की दी गयी जानकारी पूर्णत:गोपनीय रहेगी। इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा । डीएम डा. वी के सिंह ने मीडिया से अपील करते हुए कहा अपना आसपास के लोगों को जनगणना के बारे में जागरूक करें।
मोबाइल व लैपटॉप पर अपनी डिटेल्स पोर्टल अपलोड कर सकते है मतदाता
7 से 21 मई के बीच आप घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप से अपनी डिटेल्स पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। इसके बाद 22 मई से प्रगणकों की टीम आपके घर दस्तक देगी। पिछली बार 2011 में हुई जनगणना के दौरान मेरठ जिले की आबादी 34 लाख, 43 हजार 689 थी।इनमें पुरुषों की संख्या 18 लाख 25 हजार 658 थी जबकि महिलाओं की आबादी 16 लाख 18 हजार 31 थी। लिंगानुपात 886 (प्रति हजार पुरुषों पर महिलाएं) था। अनुमान है कि अब जिले की आबादी करीब 42 से 44 लाख हो सकती है।
जनगणना को दो हिस्सों में बांटा है
पहला चरण (22 मई - 20 जून): इसमें केवल मकानों की लिस्टिंग होगी और घर की सुविधाओं (बिजली, पानी, वाहन आदि) पर 33 सवाल पूछे जाएंगे।
दूसरा चरण (फरवरी 2027): अगले साल फरवरी में व्यक्तियों की असल गिनती होगी। खास बात यह है कि इस बार 1931 के बाद पहली बार जातिगत जनगणना भी की जाएगी।
पोर्टल पर खुद कैसे बनें डिजिटल प्रगणक: आप se.census.gov.in पर जाकर खुद रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। बस अपना मोबाइल नंबर और परिवार के मुखिया का नाम दर्ज करें। ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद मांगी गई जानकारियां भरें। फॉर्म सबमिट होते ही आपको 11 अंकों का एक SE-ID मिलेगी जिसे संभाल कर रखें। जब प्रगणक घर आएं, तो बस उन्हें यह नंबर दिखा दें।
इन खास बातों के रखे ध्यान
रसोई का नियम: एक ही किचन में खाना खाने वाले लोग एक परिवार माने जाएंगे।
180 दिन का पैमाना: आपकी गिनती उसी शहर में होगी जहां आप कम से कम 6 महीने से रह रहे हैं।
पहले चरण में पूछे जाएंगे 33 सवाल
मकान नंबर, निर्माण सामग्री (फर्श, दीवार, छत), मकान का उपयोग और स्थिति, परिवार और सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, सामाजिक वर्ग, पानी, बिजली, शौचालय, रसोई की सुविधा, गैस कनेक्शन, मोबाइल फोन, इंटरनेट, टीवी, कंप्यूटर, वाहन, घर में उपयोग होने वाला मुख्य अनाज और मोबाइल नंबर आदि।


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