मेरठ के खेल सामग्री उद्योगों की बदलेगी दशा

- ओडीओपी योजना के तहत खेल सामग्री उत्पादकों को मिलेगी 14.5 करोड़ की सब्सिडी 

- 20 लाख रूपए तक का अनुदान प्रदान करेगी राज्य सरकार 

- योजना का लाभ लेने के लिए खेल सामग्री उत्पादकों को करना होगा आवेदन 

मेरठ, 24 मई। शहर के खेल सामग्री उत्पादकों को प्रदेश सरकार की तरफ से एक बड़ी सौगात दी गई है। वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट योजना के तहत प्रदेश सरकार ने जिले के खेल सामग्री उद्योग को इस बार 14.5 करोड़ की सब्सिडी (अनुदान) देने का लक्ष्य रखा है। इस योजना का लाभ पहले से ही कार्यरत खेल सामग्री उद्यमियों के साथ-साथ नए उद्यमियों को भी मिलेगा। 

हर जिले के विशेष उत्पादों को पहचान दिलाने, उद्योगों का विस्तार करने और नए इनोवेशन करने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना में मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को शामिल किया गया है। इस योजना के तहत उद्यमियों को विभिन्न प्रकार के ऋण प्रदान किए जा रहे हैं। चालू वित्त वर्ष में प्रदेश सरकार ने मेरठ जिले के लिए 14.5 करोड़ की सब्सिडी जारी की है। इस योजना के तहत लगभग 360 लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने का उद्देश्य रखा गया है। प्रदेश सरकार की ओर से यह अनुदान आवेदकों को मिलने वाली ऋण राशि के अनुसार तय किया जाएगा। अनुदान की सीमा 20 प्रतिशत से लेकर 25 प्रतिशत तक रखी गई है। बड़ी धनराशि पर यह अनुदान 20 प्रतिशत और छोटी धनराशि पर 25 प्रतिशत रहेगा। योजना के तहत अधिकतम 20 लाख रूपये की धनराशि प्रदान की जाएगी। 

ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन 

उप आयुक्त (उद्योग) अमरेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को एमएसएमई की वेबसाइट पर जाकर ओडीओपी योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद विभिन्न औपचारिकताओं की जांच करते हुए जिला उद्योग केंद्र संबंधित बैंकों को आवेदन प्रस्तुत करेंगे। आवेदकों को उनकी पंसद के बैंक से भी ऋण की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से मेरठ में खेल उद्योग को एक नई दिशा मिलेगी। इसके साथ ही नए खेल सामग्री निर्माता भी तैयार होंगे। 

दो साल बाद मिलेगा अनुदान   

योजना के तहत खेल सामग्री उत्पादकों को उनके उ़द्योग के विस्तार के लिए विभिन्न प्रशिक्षण सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। उप आयुक्त (उद्योग) ने बताया कि खेल उत्पादकों की अनुदान राशि ऋण आंवटन के समय ही निर्धारित कर दी जाएगी, लेकिन यह अनुदान राशि वह दो वर्ष बाद ही अपने खाते से आहरित कर सकेंगे। ऐसा इसलिए किया गया है कि खेल निर्माता अपने कार्यों को सुचारू रख सकें।

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