107 वर्षों बाद संवरा मेरठ कॉलेज का ‘जानकी भवन’
ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
मेरठ। मेरठ कॉलेज के ऐतिहासिक परिसर स्थित हिंदू बोर्डिंग हाउस के ‘जानकी भवन’ का शुक्रवार को विधिवत पुनरुद्धार एवं लोकार्पण किया गया। लगभग 107 वर्षों बाद इस ऐतिहासिक भवन के नवीनीकरण को महाविद्यालय की गौरवशाली विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
बता दें कि जानकी भवन का निर्माण वर्ष 1907 में प्रारंभ हुआ था तथा इसकी नींव तत्कालीन संयुक्त प्रांत के गवर्नर द्वारा रखी गई थी। ऐतिहासिक महत्व से जुड़े इस भवन को लंबे समय तक संरक्षण की प्रतीक्षा रही। अब सवा सौ वर्ष पुराने इस भवन का पुनर्निर्माण कर इसे पुनः महाविद्यालय उपयोग हेतु समर्पित कर दिया गया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मेरठ कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. गोपी अग्रवाल ने कहा कि मेरठ कॉलेज देश की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल एक ऐसा शिक्षण संस्थान है, जिसकी गौरवगाथा अनेक विश्वविद्यालयों से भी पुरानी है। उन्होंने कहा कि जितना पुराना यह संस्थान है, उतनी ही समृद्ध इसकी उपलब्धियां हैं। ऐसे में जानकी भवन का पुनरुद्धार केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि इतिहास और विरासत के संरक्षण का कार्य है।
मेरठ कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव श्री विवेक कुमार गर्ग ने कहा कि उनका संपूर्ण प्रयास मेरठ कॉलेज की दिशा एवं दशा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश की शिक्षा, समाज सेवा एवं राष्ट्र निर्माण में निरंतर योगदान देता रहेगा।
प्रबंध समिति के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामकुमार गुप्ता ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि पिछले आठ दशकों से उन्होंने मेरठ कॉलेज को निरंतर प्रगति करते देखा है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान अपनी जीवंत परंपराओं और ऊर्जा के माध्यम से सदैव राष्ट्रहित में योगदान देता रहा है तथा जानकी भवन का उद्घाटन उसी गौरवशाली परंपरा की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो युद्धवीर सिंह ने प्रबंध समिति का आभार व्यक्त करते हुए शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारियों से अपील की कि वे महाविद्यालय की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि हिंदू बोर्डिंग हाउस और उससे जुड़े भवन मेरठ कॉलेज की ऐतिहासिक पहचान हैं। यदि किसी पूर्व छात्र, शिक्षक अथवा नागरिक के पास हिंदू बोर्डिंग हाउस से जुड़ी कोई ऐतिहासिक जानकारी, दस्तावेज या संस्मरण उपलब्ध हों तो वे उन्हें महाविद्यालय प्रशासन तक अवश्य पहुंचाएं, ताकि इस गौरवशाली विरासत का प्रामाणिक दस्तावेजीकरण किया जा सके।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं महायज्ञ के साथ हुआ। महायज्ञ के प्रमुख यजमान मेरठ कॉलेज के प्रेस प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी प्रो चंद्रशेखर भारद्वाज रहे। प्रो भारद्वाज ने कहा कि यदि हमें भविष्य में लंबी छलांग लगानी है तो अपनी प्राचीन परंपराओं, ऐतिहासिक विरासत और पूर्वजों की उपलब्धियों को संरक्षित रखना होगा। उन्होंने कहा कि यही वह भूमि है जिसने देश को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जैसे महान व्यक्तित्व दिए हैं।
कार्यक्रम में श्री संजीवेश्वर त्यागी, प्रो कपिल सिवाच, प्रो पंजाब मलिक, प्रो सीमा पवार, प्रो अर्चना, प्रो एनपी सिंह, प्रो अनिल राठी, प्रो नीरज एवं पंकज भारती सहित अनेक शिक्षकों एवं कर्मचारियों का सक्रिय सहयोग रहा। समस्त कार्यक्रम का प्रबंध मेरठ कॉलेज कार्यालय के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सिंह एवं श्री जितेंद्र कुमार इत्यादि ने किया।


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