दस हजार की रिश्वत लेते हुए दरोगा को एंटी करप्शन की टीम ने दबोचा
मुकदमा सेटल कराने को मांगे थे रुपये
कंकरखेडा थाने में दर्ज कराया गया मुकदमा
मेरठ। पुलिस विभाग से भ्रष्टाचार समाप्त होने का नाम ल ेरहा है। शनिवार को एंटी करप्शन की टीम ने थाना पल्लवपुरम के एक दरोगा को दस हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दराेगा के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। दराेगा की गिरफ्तारी पर पुलिस विभाग में हड़्कंप मचा हुआ है।
दरोगा ने मेडिकल थाना क्षेत्र निवासी मनीष का अपनी पत्नी से कुछ विवाद के के संबंध में संपत्ति को लेकर एक मुकदमा है, जिसको सेटल करने के लिए छत्रपाल ने मनीष से 10 हजार रुपयों की मांग की थी। इसकी शिकायत मनीष एंटी करप्शन टीम से की थी। इसके बाद दरोगा को रंगे हाथों गिरफ्तार करने का जाल बुना गया। योजना के अनुसार रकम लेकर मनीष पल्लवपुरम थाने पहुंचा था।तभी वहां एंटी करप्शन की टीम जो पहले से दरोगा को पकड़ने के लिए जाल बिछाए बैठी थी। उसने दरोगा को दबोच लिया। फिलहाल उसे लेकर एंटी करप्शन की टीम कंकरखेड़ा थाने से मेडिकल थाना पहुंची है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी दरोगा को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जाया जा रहा है। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
थाने की तीसरी मंजिल पर ले रहा था रुपये
एंटी करप्शन टीम ने बताया- दरोगा छत्रपाल सिंह पल्लवपुरम थाने की तीसरी मंजिल पर स्थित अपने कमरे में रिश्वत की रकम ले रहा था। वह एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के एक पुराने मुकदमे को रफा-दफा करने के नाम पर पीड़ित से पैसों की मांग कर रहा था।जैसे ही पीड़ित ने उसे 10 हजार थमाए, पहले से जाल बिछाकर बैठी एंटी करप्शन की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी छत्रपाल सिंह 2023 बैच का दरोगा है, जो ग्राम लाभेड़ा दुर्गाप्रसाद, मीरगंज, जनपद बरेली का रहने वाला है। आरोपी दरोगा की तैनाती वर्तमान में थाना पल्लवपुरम, मेरठ में है।
शिकायतकर्ता मेडिकल थाना क्षेत्र का निवासी है, जिस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज था। दरोगा छत्रपाल इस केस में राहत देने और मुकदमे को सेटल करने के बदले मोटी रकम की डिमांड कर रहा था। परेशान होकर पीड़ित ने एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया, जिसके बाद योजनाबद्ध तरीके से इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
एनटीपीएस एक्ट के तहत फंसाया गया- पीड़ित
पीड़ित मनीष कुमार ने बताया- मुझ पर और मेरी पत्नी पर एनटीपीएस एक्ट के तहत 17 नंवबर 2025 को हम पर मुकदमा हुआ था। हमें मुल्जिम बना दिया। हमारे पास कुछ नहीं मिला था, हम तो अपने घर पर थे। दो और लड़के इस मामले में पकड़े गए थे, उनके पास से पुलिस को गांजा मिला था। हम तो अपने घर पर थे, लेकिन हमें बेवजह ही इसमें मुल्जिम बना दिया।
घर पर कुर्की का नोटिस भी लगाया
इसके बाद हमने कहा- जांच कर लो जो दोषी हो उन पर कार्रवाई करें। इसके बाद हम पर दबाव बनाया गया। पुलिस हम पर लगातार दबाव बनाने लगी हमें परेशान करने लगी। इसके बाद मेरी पत्नी सीमा से कहा कि हम आपके नाम निकाल देंगे। तब 27 मार्च 2026 में हमारे घर पर कुर्की का नोटिस लगा दिया। फिर कहा कि हम इसे खत्म कर देंगे हमें पैसे दे जा। तो हमारी बातचीत 10 हजार रुपए में तय हुई।
मैंने इसकी सूचना 23 अप्रैल को एंटी करप्शन को दे दी थी। शनिवार को दरोगा छत्रपाल ने मुझे फोन पर कहा कि यहां पल्लवपुरम थाने पर आ जाओ और 10 हजार रुपए दे जाओ। तब मैंने दोबारा एंटी करप्शन की टीम को बताया। मैं पैसे लेकर आज यहां थाने पर आया, जब वो पैसे ले रहा था तो एंटी करप्शन की टीम ने उसे पकड़ लिया।
मनीष कुमार ने बताया- गांजे के मामले में जो दो लोग पकड़े गए हैं, उसमें एक का नाम दाऊद है। उसके ऊपर भी मुकदमा है। दाऊद और हम मिलकर गाड़ी चलाते हैं। मैं पर्सनल गाड़ी चलाता हूं, वहीं से मेरी दाऊद से पहचान हुई थी। उसका मेरे साथ कुछ पैसों का लेन-देन था, मैं उससे अपने पैसे मांग रहा था, बस इसी बात पर मुझसे बदला निकालने के लिए दाऊद ने इस गांजे में मेरा नाम झूठा फंसा दिया।मेरे ऊपर भी मुकदमा करा दिया। अगर पुलिस सही से जांच करेगी तो पता चलेगा कि मेरा उस गांजे से कोई लेना-देना नहीं है। दरोगा छत्रपाल ने मुझसे मुकदमा खत्म कराने के लिए रकम मांगी थी।
आरोपी दरोगा पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
आरोपी दरोगा छत्रपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कंकरखेड़ा थाना में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मेरठ में लगातार पुलिसकर्मियों पर गिरती एंटी करप्शन की गाज ने विभाग के भीतर अनुशासन और ईमानदारी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


No comments:
Post a Comment