एयरटेल ने नेक्स्ट्रा में एक बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की

मेरठ : भारती एयरटेल (एनएसई: भारतीएयरटेल) (“एयरटेल”) ने घोषणा की है कि अल्फा वेव ग्लोबल, कार्लाइल (नैस्डैक: सीजी) और एंकरेज कैपिटल अपने सहयोगी संस्थानों के माध्यम से नेक्स्ट्रा डेटा लिमिटेड (“नेक्स्ट्रा”) में एक बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करेंगे। नेक्स्ट्रा, एयरटेल की सहायक कंपनी है जो डेटा सेंटर के कारोबार में काम करती है। इस निवेश का उद्देश्य पूरे भारत में नेक्स्ट्रा के नेटवर्क का विस्तार करना और इसकी वृद्धि को तेज करना है। इस निवेश दौर में एयरटेल भी भागीदारी करेगी।

एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा, "नेक्स्ट्रा में हमने भारत के सबसे आधुनिक और टिकाऊ डेटा सेंटर नेटवर्क में से एक बनाया है, जिसे एंटरप्राइज़, हाइपरस्केलर और सरकार की बदलती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आज लगभग 300 मेगावॉट की क्षमता के साथ हमारा लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में इसे बढ़ाकर 1 गीगावॉट तक ले जाना है और लगभग 25 प्रतिशत बाज़ार हिस्सेदारी हासिल करना है।"

उन्होंने बताया, "वैश्विक निवेशकों और टेक्नोलॉजी लीडर्स के साथ रणनीतिक साझेदारियाँ हमारे ग्रोथ रोडमैप का मुख्य हिस्सा हैं। ये साझेदारियाँ हमें अपने विस्तार को तेज करने, विश्वस्तरीय विशेषज्ञता का लाभ उठाने और बड़े पैमाने पर अगली पीढ़ी के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर समाधान उपलब्ध कराने में सक्षम बनाती हैं। मज़बूत बाज़ार मांग को देखते हुए हम निवेश बढ़ाने और भारत को एक अग्रणी डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

इस समझौते के तहत अल्फा वेव ग्लोबल 435 मिलियन अमेरिकी डॉलर, कार्लाइल 240 मिलियन अमेरिकी डॉलर और एंकरेज कैपिटल 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश अपने सहयोगी संस्थानों के माध्यम से करेंगे। शेष रकम का निवेश एयरटेल द्वारा किया जाएगा। निवेशकों की अंतिम हिस्सेदारी डील पूरी होने के बाद होने वाले अंतिम समायोजनों पर निर्भर करेगी। नेक्स्ट्रा में एयरटेल का नियंत्रणकारी हिस्सा बना रहेगा। यह सौदा भारत में नियामक अनुमोदनों के अधीन है।

भारत का डेटा सेंटर सेक्टर इस समय तेजी से बढ़ रहा है। इसकी मुख्य वजह है कंपनियों में तेजी से हो रहा डिजिटल बदलाव, क्लाउड सेवाओं का बढ़ता इस्तेमाल और हाइपरस्केलर्स की ओर से बढ़ती मांग। सेविल्स इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत का डेटा सेंटर बाज़ार 2024 से 2030 के बीच लगभग 21 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ने की उम्मीद है। इससे इसकी आईटी क्षमता बढ़कर लगभग 3,400 मेगावॉट तक पहुँच जाएगी।

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