कर्तव्यनिष्ठा-लगन से काम कर पुलिस का नाम रोशन करो: एडीजी
-पुलिस लाइन में दीक्षांत समारोह में 763 रिक्रूट पुलिस परिवार के सदस्य बने
-परिजन इस पाल को अपने मोबाइलों में कैद करने के लिए सुबह से आतुर थे
मेरठ। रविवार सुबह पुलिस लाइन का नजारा देखते ही बन रहा था। यहां आए परिवार के सदस्यों के चेहरों पर अजीब चमक थी। कारण था पुलिस पासिंग आउट परेड का। कोई अपने लाल, कोई पति तो कोई बहन अपने भाई को पुलिस वर्दी में देखने के व्याकुल थी, जैसे ही एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने पासिंग आउट परेड की सलामी ली तो परिजनों ने यह पल अपने मोबाइल में कैद कर लिया। ताकि भविष्य में पासिंग आउट परेड की यादें ताजा रहें। इस अवसर पर एडीजी भानु भास्कर ने 763 रिक्रूट आरक्षियों को संबोधित करते हुए कहा कि अब आप आप ही नहीं आपका परिवार भी पुलिस परिवार का सदस्य है। उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए एडीजी ने कहा, कर्तव्य निष्ठा और लगन से ड्यूटी कर पुलिस का नाम रोशन करो। ताकि आपके काम पर परिजन भी गौरवनित हो सकें।
मेरठ पुलिस लाइन में कड़ी मेहनत के बाद 763 रिक्रूट आरक्षी पुलिस परिवार के सदस्य बन गए। रविवार को पुलिस लाइन में आयोजित भव्य समारोह में पासिंग परेड आयोजित की गई, जिसमें रिक्रूट आरक्षियों के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया था। पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि डीएम डॉ. वीके सिंह रहे। पासिंग आउट परेड की अध्यक्षता एसएसपी अविनाश पांडे ने की। एडीजी ने पासिंग आउट परेड की सलामी ली और निरीक्षण किया। इसके बाद परेड को मार्च अप कराया गया, जिसमें परेड की सभी टोलियां मुख्य मंच के सामने सलामी देते हुए गुजरी। एडीजी ने समस्त परीक्षाओं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले प्रशिक्षु आरक्षियों को सम्मानित किया। साथ ही प्रशिक्षण देने वाले सभी प्रशिक्षकों को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। एडीजी ने प्रशिक्षु आरक्षियों को कर्तव्यनिष्ठ एवं अनुशासन की शपथ दिलाई। इस अवसर पर एडीजी ने रिक्रूट आरक्षियों को संबोधित करते हुए कहा कि अब आप और आपके परिजन पुलिस परिवार के सदस्य है। कर्तव्यनिष्ठ और लगन से पुलिस परिवार का नाम रोशन करो। आपका काम ऐसा हो, जिसे सुनकर आपके परिजन भी खुद को गौरवनित महसूस करें। इस अवसर एसएसपी अविनाश पांडेय ने एडीजी और डीएम को स्मृति चिन्ह भेट किए।
अपनों को कदमताल करता देखकर परिजनों के चेहरे खुशी से खिले
पासिंग आउट परेड में वर्दी में अपनों को कदमताल करते देखकर परिजनों के चेहरे खुशी से खिल गए। इस पल को अपने मोबाइल में कैद करने के लिए परिजन सुबह ही पुलिस लाइन पहुंच गए थे, जैसे परेड की सभी टोलियां मुख्य मंच के सामने से एडीजी को सलामी देते हुए गुजरी तो परिजनों ने इस यादगार पल को अपने मोबाइल में कैद कर लिया। परेड के बाद किसी रिक्रूट आरक्षी ने मां को पुलिस कैप पहनाई तो किसी रिक्रूट ने अपने बेटे को गोद में लेकर इस पल को मोबाइल में कैद किया।

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