आईसीयू सेवाओं पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
सभी राज्यों को तैयार करनी होगी कार्ययोजना
नई दिल्ली (एजेंसी)।
देश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम कदम उठाया है। अदालत ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) सेवाओं के लिए निर्धारित दिशानिर्देशों को लागू करने हेतु एक वास्तविक और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करें।
न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि आईसीयू सेवाओं के लिए जो दिशानिर्देश तैयार किए गए हैं, उन्हें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा किया जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हर राज्य एक व्यावहारिक कार्ययोजना बनाए, जिसमें न्यूनतम मानकों को लागू करने की व्यवस्था हो।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सबसे पहले पांच बुनियादी आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए, जिनमें स्टाफ और जरूरी उपकरण दोनों शामिल हों। अदालत ने यह भी कहा कि केवल दिशानिर्देश बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और निगरानी की मजबूत व्यवस्था भी जरूरी है।


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