डॉ. संजीव बालियान का छलका दर्द:
बोले- दो बार हुआ अपमान, अब सूद और ब्याज समेत चुकाकर जाऊंगा
मेरठ/मुजफ्फरनगर। जनपद के सकौती स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में रविवार को महाराजा सूरजमल की प्रतिमा अनावरण समारोह के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता डॉ. संजीव बालियान का दर्द मंच से छलक उठा। बिरादरी के बीच हुंकार भरते हुए डॉ. बालियान ने अपने विरोधियों और प्रशासन को सीधे शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि राजनीति और सामाजिक जीवन में कई बार अपमान सहना पड़ता है, लेकिन वह इस अपमान को भूले नहीं हैं और इसे "सूद व ब्याज समेत" वापस लौटाएंगे। सोशल मीडिया पर डॉ. बालियान का यह बयान और वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
"हार का दुख नहीं, अपमान की टीस है"
जनसभा को संबोधित करते हुए डॉ. संजीव बालियान ने मुजफ्फरनगर चुनाव की हार और हालिया विवादों का जिक्र करते हुए कहा, "चुनाव में हार-जीत एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, उसका दुख नहीं होता। दुख उस अपमान का होता है जो षड्यंत्र के तहत किया गया। मेरा दो बार अपमान हुआ है और मैं इसे भूलने वाला नहीं हूँ।" उन्होंने समाज के लोगों से आह्वान किया कि "अगर मैं भूल जाऊं तो तुम याद दिलाना, और तुम भूलोगे तो मैं तुम्हें भूलने नहीं दूंगा।"
प्रशासन पर निशाना: "भाई भगवंत मान के लिए झुके"
डॉ. बालियान ने रैली को नाकाम करने की साजिशों का आरोप लगाते हुए प्रशासन पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "मैंने पूरी रात प्रशासन की बदतमीजियां देखी हैं। हम सिर्फ इसलिए झुके क्योंकि हमारे भाई (पंजाब के मुख्यमंत्री) भगवंत मान को यहाँ आना था। अगर उनके हेलीकॉप्टर को उतरने देने का मुद्दा न होता और वे कार से आ रहे होते, तो किसी की औकात नहीं थी जो हमें झुका दे। किसी ने मां का दूध नहीं पिया जो हमें यहाँ से हटा दे।"
बदले की हुंकार और सियासी हलचल
अपने संबोधन के दौरान डॉ. बालियान ने पूर्व विधायक और विरोधियों पर परोक्ष रूप से तंज कसते हुए साफ कहा कि अपमान का बदला जरूर लिया जाएगा। उनके इस "सूद सहित चुकाने" वाले बयान के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषक इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जाट समाज के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने और विरोधियों को कड़ा संदेश देने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।


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