दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसव के बाद दूसरा सबसे लंबा होगा गंगा एक्सप्रेस वे 

गंगा एक्सप्रेस-वे का मार्ग गंगा नदी के किनारे बसे जिलों को जोड़ते हुए मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक पहुंचेगा

मेरठ के बिजौली से प्रयाग राज तक 99 प्रतिशत कार्य पूरा ्, पीएम से हरी झंडी मिलने का इंतजार 

 मेरठ। पीाएम नरेन्द्र मोदी ने जेवर में नोएडा के इंटरनेशन एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद अब सबकी नजरें मेरठ के बिजौली से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस वे  टिक गयी है। गंगा एक्सप्रेस वे पर कार्य 99 प्रतिशत पूरा हो गया है। अब किसी भी दिन पीएम मोदी व मुख्य मंत्री योगी इस हाइवे का शुभाारंभ कर सकते है। 

594 किलोमीटर लंबा यह मार्ग मेरठ से प्रयागराज तक जाएगा, जिसमें वाराणसी होते हुए कई जिलों से होकर गुजरेगा। यह दो चरणों में तैयार किया जाएगा और इसके पूरा होने पर यह 1,350 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के बाद देश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा। इस परियोजना को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। 

गंगा एक्सप्रेस-वे क्या है?

गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित 594 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे है, जो पश्चिम में मेरठ से लेकर पूरब में प्रयागराज तक फैलेगा। यह छह लेन का एक्सप्रेस-वे होगा, जिसे आवश्यकता पड़ने पर आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत विकसित कर रहा है। यह एक्सप्रेस-वे यूपी के 12 जिलों से होकर गुजरेगा और 519 गांवों व बड़े शहरों जैसे – मेरठ, बुलंदशहर, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज और वाराणसी को जोड़ेगा। खास बात यह है कि इसमें 3.5 किलोमीटर लंबा एयरस्ट्रिप भी बनाया जाएगा, ताकि भारतीय वायु सेना (IAF) के विमानों की आपातकालीन लैंडिंग कराई जा सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा एक्सप्रेस-वे की नींव 18 दिसंबर 2021 को रखी थी। यह परियोजना लगभग 36,230 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही है और इसका प्रबंधन यूपीईडा कर रहा है। इसके लिए करीब 7,386 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किय गया , जिस पर लगभग 9,255 करोड़ रुपए खर्च हुए । वहीं, सिविल वर्क्स  में  करीब 22,125 करोड़ रुपए खर्च हुए है। 

निर्माण की स्थिति

एक अहम उपलब्धि के तहत गंगा एक्सप्रेसवे का मुख्य हिस्सा अब पूरी तरह तैयार हो चुका है।  सर्विस रोड, टोल प्लाजा, पौधरोपण, डिस्प्ले बोर्ड, स्ट्रीट लाइटिंग और हर एक किलोमीटर पर कैमरा इंस्टॉलेशन जैसे सभी विकास कार्य पूरे कर लिए गए हैं।  सर्विस लेन का निर्माण  कार्य 99 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुख्य मार्ग का अर्थवर्क 99 फीसदी पूरा है, ग्रेन्युलर सब-बेस और वेट मिक्स मैकडमकार्य 97 फीसदी पूरे हैं, C&G कार्य 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जबकि DBM 97 प्रतिशत तक पूरा है। समग्र रूप से परियोजना 99 फीसदी पूर्णता के स्तर पर पहुंच चुकी है। इसके अलावा केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से जुड़े सुरक्षा कैमरों की स्थापना पूरी हो चुकी है। इंटरनेट कनेक्टिविटी, सर्वर और टोल उपकरण जैसी अन्य सुविधाएं भी अब चालू हो चुकी हैं।

गंगा एक्सप्रेस-वे का रूट विवरण

गंगा एक्सप्रेसवे का आधे से अधिक हिस्सा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों मेरठ, हापुड़, अमरोहा, बुलंदशहर, संभल, बदायूं और शाहजहांपुर से होकर गुजरेगा। यह एक्सप्रेसवे पूर्वी उत्तर प्रदेश को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से जोड़ेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ के शहीद स्मारक को हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर से जोड़ेगा। अगला इंटर सेक्शन बुलंदशहर में होगा, जहां एक प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इसके बाद यह मार्ग अमरोहा से गुजरेगा, जो प्रसिद्ध वासुदेव मंदिर के लिए जाना जाता है। आगे यह संभल को जोड़ेगा, जहां कैलादेवी मंदिर स्थित है। एक्सप्रेसवे का यह कॉरिडोर बदायूं तक पहुंचेगा और वहां औद्योगिक कॉरिडोर व हनुमंत धाम से जुड़ जाएगा।पूरे एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को चार समूहों में बांटा गया है। इनमें से ग्रुप-4 के अंतर्गत यह परियोजना प्रयागराज जिले में 15.2 किलोमीटर लंबे हिस्से को कवर करेगी।

गंगा एक्सप्रेस-वे चरण 1

गंगा एक्सप्रेस-वे के पहले चरण की परियोजना को 12 अलग-अलग पैकेजों में बांटा गया है। इस पहले चरण के कॉरिडोर को कुल 37,350 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया  गया है। 

बिजौली (मेरठ) से चांदनेर (हापुड़)48.9 किमी

चांदनेर (हापुड़) से मिर्जापुर डुंगल (अमरोहा)30 किमी

मिर्जापुर डूंगल (अमरोहा) से नगला बरहा (बदायूं)50.7 किमी

नगला बरहा (बदायूं) से बिनावर (बदायूं)52.1 किमी

बिनावर (बदायूं) से दारी गुलाऊ (शाहजहांपुर)46.7 किमी

दरी गुलऊ (शाहजहांपुर) से उबरिया खुर्द (हरदोई)52.9 किमी

उबरिया खुर्द (हरदोई) से इक्साई (हरदोई) 52.4

इक्साई (हरदोई) से रैया माओ (उन्नाव)50.2

रैया माओ (उन्नाव) से सरसों (उन्नाव) 53.1 किमी

सरसों (उन्नाव) से तेरुखा (रायबरेली) 51.8 किमी

तेरुखा (रायबरेली) से नौधिया (प्रतापगढ़) 52 किमी

नौढ़िया (प्रतापगढ़) से जुदापुर दांदू (जिला प्रयागराज) 53 किमी

फेज़-2 के तहत एक्सप्रेस-वे का मार्ग गढ़मुक्तेश्वर के पास तिगरी से बढ़ते हुए उत्तराखंड सीमा, हरिद्वार तक भी पहुंचेगा।

गंगा एक्सप्रेस-वे फेस-1 के जिलों और गांवों की सूची

जिला फेस-1  के गांव

मेरठ मवाना, परीक्षितगढ़

हापुड़ बाबूगढ़, पिलखुवा

बुलंदशहर जहांगीराबाद, डिबाई

अमरोहा गजरौला, हसनपुर

संभल चंदौसी, बहजोई

बदायूं दातागंज, सहसवान

शाहजहांपुर पवायां, तिलहर

हरदोई शाहाबाद, बिलग्राम

उन्नाव सफीपुर, बांगरमऊ

रायबरेली लालगंज, बछरावां

प्रतापगढ़ कुंडा, रानीगंज

प्रयागराज हंडिया, फूलपुर

 गंगा एक्सप्रेस-वे के तहत आने वाले गांवों की सूची में कुल 519 गांव शामिल हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे जिला सूची में कुल 12 जिले शामिल हैं।

जेवर एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने 120 मीटर चौड़े और 74.3 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे एलाइनमेंट को मंजूरी दी है, जो जेवर एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) को सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। लगभग 4,000 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस लिंक एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट से यात्रियों को हवाईअड्डे तक तेज और सुगम पहुंच मिलेगी। 

यह लिंक एक्सप्रेसवे कुल 56 गांवों से होकर गुजरेगा, जिनमें गौतमबुद्ध नगर के 8 और बुलंदशहर जिले के 48 गांव शामिल हैं। यह मार्ग खुर्जा, बुलंदशहर, स्याना और शिकारपुर तहसीलों को कवर करेगा। एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, आगरा को जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेसवे और प्रयागराज से जुड़ने वाले गंगा एक्सप्रेसवे तक सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।

एक्सप्रेसवे की विशेषताएं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के मार्ग पर औद्योगिक क्लस्टर, एक हवाईपट्टी, आपातकालीन लैंडिंग के लिए हेलीपैड और एयर-एंबुलेंस के संचालन की सुविधा और ट्रॉमा सेंटर जैसी सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

हवाई पट्टी

इस प्रोजेक्ट में शाहजहांपुर में एक हवाईपट्टी भी तैयार होगी, जो आपातकालीन लैंडिंग के लिए उपयोग की जाएगी। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे मार्ग के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और 9 स्थानों पर सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं भी स्थापित की जाएंगी।

विस्तार योग्य लेन

इस एक्सप्रेसवे को 8 लेन तक फैलाया जा सकता है और इस पर वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

विस्तार योग्य लेन

यह एक्सप्रेसवे वर्तमान में छह लेन का है, लेकिन मुख्य ढांचा आठ लेन तक बढ़ाने योग्य होगा, और वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटे होगी।एक्सप्रेसवे के साथ कुल 9 सार्वजनिक सुविधाएं केंद्र होंगे। 381 अंडरपास, 14 मुख्य पुल, 126 छोटे पुल, 929 कुल्वर्ट, 7 आरओबी, 28 फ्लाईओवर और 8 डायमंड इंटरचेंज होंगे। रेलवे ओवरब्रिज की चौड़ाई 120 मीटर होगी।

टोल प्लाजा

मेरठ और प्रयागराज में दो मुख्य टोल प्लाजा स्थापित किए जाएंगे और गंगा एक्सप्रेसवे मार्ग के साथ 15 रैम्प टोल प्लाजा होंगे।

सस्टेनेबल फीचर्स

गंगा एक्सप्रेसवे मार्ग के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए लगभग 18,55,000 पौधे लगाए गये है। प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित भूमि पर ऊर्जा उत्पादन के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा । इसके लिए पूरे एक्सप्रेस  वे पर सौर पैनल लगाए गये है। 


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