खुशिया मातम में बदली मेरठ की आंगनवाडी कार्यकत्री ,बेटी दामाद समेत पांच की मौत
एक परिवार के तीन सदस्य की मौत से मऊखास में परसा मातम
मेरठ। मेरठ से ग्वालियर जन्म दिन में शामिल होने गयी आंगनवाड़ी कार्यकत्री व उसके परिवार पर कहर बन की टूट गया। सड़क हादसें आंगनवाडी कार्यकत्री , बेटी व दामाद समेत पांच की मौत हाें गयी। परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर से मऊ खास में मातम परसा हुआ है।
मुंडाली क्षेत्र के गांव मऊखास निवासी आंगनवाड़ी कार्यकत्री अपने नाती प्रियांश के जन्मदिन समारोह में शामिल होने के लिए ग्वालियर गई थीं। 23 मार्च को प्रियांश का जन्मदिन था।नाती के जन्मदिन में शामिल होने के लिए मेरठ से आरव की नानी प्रीति कश्यप भी आई थीं।जन्मदिन मनाने के बाद घर में चर्चा हुई कि सास प्रीति कश्यप दो-तीन दिन पहले मेरठ से आई हैं, इसलिए शीतला माता के दर्शन करने चलें। अष्टमी का पर्व होने के कारण तुरंत तैयारी कर ली गई।दर्शन के लिए जाने की बात पर शुभम के ताऊ इंद्रजीत उर्फ पप्पू और ताई लीला शाक्य भी साथ चलने को तैयार हो गए। ठाटीपुर सरकारी मल्टी में रहने वाले ऑटो चालक राजेश कुमार से बात की गई तो उसने भी जाने के लिए हामी भर दी। दोपहर में शुभम, उनकी पत्नी शगुन, सास प्रीति कश्यप, ताऊ इंद्रजीत, ताई लीला और बच्चे प्रीति व प्रियांश के साथ ऑटो से दर्शन के लिए निकले। सबसे पहले ग्वालियर स्थित कैला देवी मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद वैष्णों धाम पहुंचे। रात को जन्मदिन मनाने के बाद करीब 10 बजे सभी लोग शीतला माता मंदिर के लिए निकले। वहां दर्शन करने के बाद वापस लौटते समय ठाटीपुर में परशुराम चौराहे के पास हादसे का शिकार हो गए। भीषण सड़क हादसे में मेरठ की आंगनवाड़ी कार्यकत्री प्रीति कश्यप , उनकी बेटी शगुन और दामाद शुभम शामिल की मौत हो गयी। जब कि ताऊ इंद्रजीत, ताई लीला और सास प्रीति कश्यप की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं ऑटो चालक राजेश कुमार, शुभम की बहन प्रीति, बेटे प्रियांश और आरव घायल हो गए। सभी घायलों को जेएएच के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। सिर में गंभीर चोट आने के कारण ऑटो चालक राजेश कुमार की हालत नाजुक है।
एक-एक पल को रील में किया कैद
मृतका शगुन को रील बनाने का काफी शौक था। वह अपने क्षेत्र में इसके लिए जानी जाती थी। दो दिन में मां के आने के बाद उसने बेटे के जन्मदिन से लेकर कैला देवी (करौली धाम) और शीतला माता मंदिर जाने-आने तक के कई रील्स बनाए थे।इन रील्स को उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड भी किया था, जिनमें पूरा परिवार खुश नजर आ रहा है। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर लौटते समय घर से कुछ ही दूरी पर यह खुशी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
मुरार मंडी में सब्जी की दुकान लगाते थे
शुभम के भाई ने बताया- मेरी कल दिन में ही शुभम से मुलाकात हुई थी। उसने बताया था कि वह देवी दर्शन के लिए जा रहा है। रात करीब 10 बजे मैं घर आया। खाना खाकर सो गया। सुबह दरवाजा खटखटाने की आवाजें आईं। दरवाजा खोला तो सामने ठाटीपुर थाने की पुलिस थी। उन्होंने बताया कि मेरे भाई का एक्सीडेंट हो गया है। अस्पताल चलना होगा। भाई शुभम और भाभी शगुन मुरार मंडी में सब्जी की दुकान लगाते थे।
घर से 500 मीटर दूर हुआ हादसा
परशुराम चौराहे के पास जहां हादसा हुआ, वहां से सरकारी मल्टी (जहां शुभम और शगुन रहते थे) महज 500 मीटर दूर है। वे लगभग घर पहुंच ही गए थे। अगले चौराहे से उन्हें मुड़ना था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि मौत एक चौराहा पहले ही उनका इंतजार कर रही है।
घर में कंधा देने वाला भी नहीं बचा
हादसे में जान गंवाने वाले इंद्रजीत शाक्य और उनकी पत्नी लाली शाक्य की भी मौत हो गई। उनका कोई बेटा नहीं है, जबकि दो बेटियां हैं। इनमें से एक बेटी प्रीति शाक्य उनके साथ थी। वह गंभीर रूप से घायल है।
इंद्रजीत के छोटे भाई का बेटा शुभम और उसकी पत्नी शगुन भी इस हादसे में जान गंवा चुके हैं। स्थिति यह थी कि उनके शव को कंधा देने वाला भी घर में कोई नहीं बचा था। बाद में जयपुर से भाई और भतीजे के आने के बाद मुरार मुक्तिधाम में चार शवों का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं प्रीति कश्यप का शव उनके परिजन मेरठ ले गए।
डायल 112 में तैनात सिपाही ने पकड़ा आरोपी
रात ठीक 3 बजे स्टेशन पर तैनात डायल 112 के जवान बृजमोहन ने देखा कि एक स्कॉर्पियो ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी और तेज रफ्तार से आकाशवाणी की ओर भाग गई। इस पर डायल 112 की टीम ने तुरंत अपना वाहन उसके पीछे लगा दिया।टीम ने गोविंदपुरी में कार नंबर MP 21 ZE-5911 को पकड़ लिया। पीछे से आ रहे एक अन्य वाहन चालक ने डायल 112 को बताया कि यह वही कार है, जिसने परशुराम चौराहे पर एक ऑटो को जोरदार टक्कर मारी है। कार में नमकीन पड़ा मिला। चाणक्यपुरी में रहने वाला स्कॉर्पियो का ड्राइवर अमन शर्मा काफी नशे में था।


No comments:
Post a Comment