एनजीटी के आदेश के बाद पेड़ कटान के मामले में मेरठ कॉलेज पहुंची टीम 

 मेरठ ।  मेरठ कॉलेज  व उससे संबधित जफरा बाग में काटे गये हरे पेड़ के मामले एनजीटी को की गयी शिकायत के बाद सोमवार को डीएम की अध्यक्षता में बनायी टीम ने मेरठ कॉलेज व जफराबाद का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने भी हरे पेड़ कटाने के मामले में हैरानी जताई है। टीम अपनी रिपोर्ट डीएम को देगी। 

 सोमवार दोपहर लगभग 2:00 बजे राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के बाद मेरठ कॉलेज परिसर और उससे संबंधित जफरा वाले बाग में हुए हरे पेड़ों के बड़े पैमाने पर अवैध कटान की जांच के लिए गठित संयुक्त समिति मेरठ कॉलेज पहुँची। यह कार्रवाई छात्र नेता विजित तालियान द्वारा की गई शिकायत के बाद हुई।

जिलाधिकारी मेरठ की अध्यक्षता में गठित इस तीन सदस्यीय जांच समिति में एडीएम सिटी, डीएफओ, आरओ पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल रहे। जांच टीम ने मेरठ कॉलेज पहुँचकर छात्र नेता विजित तालियान और अन्य छात्रों के साथ कॉलेज परिसर व छात्रावासों के आसपास काटे गए पेड़ों का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम जफरा वाले बाग पहुँची, जहाँ पूरे बाग का बारीकी से निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान टीम भी इतने बड़े स्तर पर हुए हरे पेड़ों के कटान को देखकर हैरान रह गई। छात्रों का आरोप है कि मेरठ कॉलेज परिसर और उससे जुड़े जफरा वाले बाग से लगभग एक हजार से अधिक पेड़ काट दिए गए, जो पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के साथ घोर अन्याय है।छात्रों ने जांच समिति से मांग की है कि पूरे मामले की गूगल टाइमलाइन और सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस पर्यावरणीय अपराध पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो युवा और छात्र समुदाय सड़क से लेकर हर मंच तक इस अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करेगा।इस दौरान रोहित करनावल, शेरा जाट, प्रियांशु मलिक, दक्ष, ऋतिक, हिमांशु, हर्षित, शानू सरधना सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।

 दरअसल एक साल पूर्व मेरठ कॉलेज व जाफरा बाग में हरे पेड़ाें को काट दिया गयाथा।  जिसकी शिकायत वन विभाग को लगातार की जा रही थी। कोई कार्रवाई न होने पर छात्र नेता विजित तालियान ने एनजीटी को तीन माह पूर्व शिकायत की  थी। 

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