भाकियू (टिकैत) का तहसील में जोरदार प्रदर्शन, घेरा सीओ कार्यालय

​टिकौला मिल प्रबंधन की 'हिटलरशाही' और उड़ीसा में राकेश टिकैत की गिरफ्तारी के खिलाफ फूंका बिगुल; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान

 मेरठ।  भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) ने सोमवार को मवाना  तहसील परिसर में अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। टिकौला शुगर मिल प्रबंधन द्वारा किसानों पर दर्ज कराए गए मुकदमों और उड़ीसा में राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत की गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में किसानों ने सीओ कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में एकजुट हुए किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और साफ कर दिया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन खत्म नहीं होगा।

​जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर के रामराज स्थित टिकौला शुगर मिल प्रबंधन द्वारा किसानों पर मारपीट और अभद्रता की गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कराना सरासर नाइंसाफी है। उन्होंने इसे मिल प्रबंधन की 'हिटलरशाही' करार देते हुए कहा कि किसानों पर हो रहे अत्याचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।​वहीं, उड़ीसा राज्य में सरकार के इशारे पर राकेश टिकैत सहित अन्य किसानों की गिरफ्तारी और उन्हें नजरबंद किए जाने को लेकर भी गहरा रोष प्रकट किया गया।

​एसएसपी कार्यालय कूच की चेतावनी

​किसानों के अडिग रवैये को देखते हुए सीओ मवाना पंकज लवानिया मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, वार्ता बेनतीजा रही और किसानों ने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान कर दिया। भाकियू नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उड़ीसा में किसानों की रिहाई नहीं हुई और मिल प्रबंधन ने मुकदमे वापस नहीं लिए, तो मंगलवार सुबह किसान मवाना तहसील से मेरठ एसएसपी कार्यालय के लिए कूच करेंगे।

​मौके पर मौजूद रहे मुख्य पदाधिकारी:

इस दौरान जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के साथ हर्ष चाहल, अनूप यादव, नरेश चौधरी, सरदार जज सिंह, बंटी प्रधान, बबलू तालियान, दिव्यांश, विजय, धर्मेंद्र, मुकेश, जय बहादुर और नवाब सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts