झांसी में पूर्व जिला पंचायत सदस्य के बेटे की गोली मारकर हत्या
घर में मचा कोहराम ,पुलिस कुछ युवकों को पूछताछ के लिए लिया हिरासत में
झांसी। झांसी में बदमाशों ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। युवक अपने खेत पर बनी कुटिया में लहूलुहान हालत में मिला। मां जब जानवरों का चारा काटने के बाद बेटे को घर ले जाने के लिए कुटिया में पहुंचीं तो उनकी चीख निकल गई।परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को इलाज के लिए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक अंशुल की 10 मार्च को शादी होनी थी।घटना रक्सा थाना क्षेत्र के बाजना रोड पर हुई है। पुलिस जांच पड़ताल करने में जुटी है।
रक्सा गांव के नायकुआं निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य नरेश राजपूत का बेटा अंशुल राजपूत शनिवार शाम को अपने घर के पास ही खेत पर फसल में पानी लगाने गया था। उस समय उसकी मां कलावती कुछ दूरी पर जानवरों के लिए चारा काट रही थीं।
अंशुल के चाचा सतीश ने बताया कि शाम को करीब 5:30 बजे बिजली चली गई, जिससे पानी की मोटर बंद हो गई थी। इसके बाद अंशुल खेत पर बनी कुटिया में आराम करने चला गया। मां जब उसे घर ले जाने पहुंचीं तो वह खून से लथपथ पड़ा मिला। कुटिया की दीवार में लगी लकड़ियां भी खून से सनी थीं।
मेडिकल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
बेटे को लहूलुहान देख मां कलावती घर की तरफ भागीं। यहां पहुंचकर उन्होंने परिजनों को घटना के बारे में बताया तो सभी खेत की तरफ दौड़ पड़े। सतीश ने बताया कि अंशुल के सिर में गोली लगी थी। उन्होंने तुरंत डायल 112 को कॉल कर पुलिस बुलाई। मौके पर पहुंची पुलिस ने एम्बुलेंस से अंशुल को मेडिकल कॉलेज भिजवाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
वारदात की जानकारी मिलने पर एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति समेत एसओजी, फॉरेंसिक टीम और रक्सा थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के बाद मामले में पड़ताल शुरू कर दी है।
एसएसपी मेडिकल कॉलेज भी पहुंचे और परिजनों से घटना की जानकारी ली। एसएसपी के अनुसार, मृतक के परिजनों ने गांव के ही तीन लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। बताया कि आरोपियों और परिवार के बीच पहले से रंजिश चल रही है।
पैरोल पर जेल से बाहर था अंशुल
परिजनों के अनुसार साल 2018 में अंशुल के ममेरे भाई ने अपने ससुर की हत्या कर दी थी, जिसमें अंशुल को भी नामजद किया गया था। इस मामले में एक साल पहले अंशुल जेल भी जा चुका है। वह अब पैरोल पर जेल से बाहर था। इस घटना में उसे एक महीने जेल में रहना पड़ा था।
दूसरे केस में गवाह था मृतक
मृतक अंशुल के चाचा सतीश ने बताया कि साल 2021 में गांव के ही रहने वाले परिवार से उनका विवाद चल रहा है। विपक्षियों ने सतीश पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया था। इस मुकदमे में अंशुल गवाह था। सतीश ने बताया कि विपक्षी कई बार धमका चुके थे कि हम ऐसे जेल नहीं जाएंगे बल्कि, एक को मारकर जेल जाएंगे। वह लगातार राजीनामे का भी दवाब बना रहे थे। इन्हीं विपक्षियों पर अब अंशुल की हत्या के आरोप लगे हैं, जिन्हें हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
25 दिन बाद थी शादी
मृतक अंशुल राजपूत की 10 मार्च की शादी थी। जिसको लेकर घर में खुशी का माहौल था। उसकी शादी की तैयारियां भी जोरों पर थीं। लेकिन उसकी हत्या की खबर से घर की खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। यहां मेडिकल कॉलेज में अंशुल का शव देख मां कलावती बेहोश हो गईं।


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