सोलर पैनल लगाकर अतिरिक्त बिजली को पारदर्शी व प्रतिस्पर्धी दरों पर सीधे बाजार में बेच सकेंगे उपभोक्ता – एमडी  

 इंडिया एनर्जी स्टैक के तहत इंटर-स्टेट P2P सोलर ऊर्जा ट्रेडिंग पायलट में पीवीवीएनएल की सक्रिय भागीदारी

 सोलर पैनल एवं स्मार्ट मीटर युक्त उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सौर ऊर्जा बेचने का अवसर

मेरठ । डिजिटल ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि. द्वारा इंडिया एनर्जी स्टैक  फ्रेमवर्क के तहत प्रारंभ किए गए इंटर-स्टेट पीयर-टू-पीयर सोलर ऊर्जा ट्रेडिंग पायलट प्रोजेक्ट में सक्रिय भागीदारी की जा रही है। यह पायलट परियोजना देश में उपभोक्ता-केंद्रित, पारदर्शी एवं आधुनिक ऊर्जा बाजार के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 विद्युत क्षेत्र में इस ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत पीवीवीएनएल, टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) तथा BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) मिलकर इंडिया एनर्जी स्टैक के तहत देश का पहला इंटर-स्टेट P2P ऊर्जा ट्रेडिंग पायलट संचालित कर रहे हैं।

  प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने बताया  इस पायलट परियोजना के अंतर्गत पीवीवीएनएल क्षेत्र के वे उपभोक्ता, जिनके परिसरों में सोलर पैनल एवं स्मार्ट मीटर स्थापित हैं, अपनी अतिरिक्त सौर ऊर्जा को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीधे बाजार में विक्रय कर सकेंगे। इससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आय का अवसर प्राप्त होगा तथा ऊर्जा की खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी एवं कुशल बनेगी।

इंडिया एनर्जी स्टैक, भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय की एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) पहल है, जिसका उद्देश्य ऊर्जा उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण एवं उपभोक्ताओं के मध्य एक सुरक्षित, भरोसेमंद एवं इंटरऑपरेबल डिजिटल ढांचा विकसित करना है। इस ढांचे के अंतर्गत पीवीवीएनएल द्वारा किया जा रहा यह प्रयोग भविष्य की डिजिटल ऊर्जा अर्थव्यवस्था के लिए एक सुदृढ़ आधार तैयार करेगा।

इस परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं उन्नत डिजिटल तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे उपभोक्ता अपनी ऊर्जा खपत, सौर उत्पादन एवं संभावित लेन-देन से संबंधित निर्णय अधिक सरलता एवं सटीकता के साथ ले सकेंगे। इससे स्मार्ट मीटरिंग के माध्यम से ग्रिड संचालन की दक्षता में सुधार होगा तथा हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस पायलट परियोजना से उपभोक्ताओं को निम्न लिखित  लाभ प्राप्त होगें : 

* सोलर ऊर्जा उत्पादक उपभोक्ताओं को अपनी अतिरिक्त बिजली से आय अर्जित करने का अवसर

* पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी दरों पर नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता

* डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऊर्जा लेन-देन में पारदर्शिता एवं विश्वास में वृद्धि

* स्मार्ट मीटरिंग से ग्रिड संचालन की दक्षता में सुधार

* नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर कार्बन उत्सर्जन में कमी

* उपभोक्ताओं को ऊर्जा बाजार में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

 प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता  ने बताया कि यह पहल उपभोक्ताओं को केवल विद्युत उपभोक्ता तक सीमित न रखते हुए उन्हें सक्रिय ऊर्जा बाजार भागीदार के रूप में स्थापित करेगी। यह परियोजना भविष्य में नवीकरणीय ऊर्जा आधारित, उपभोक्ता-केंद्रित एवं डिजिटल बिजली बाजार के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस पहल का औपचारिक प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर के मंच पर किया जाएगा, जिससे डिजिटल एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भारत सरकार की प्रतिबद्धता और अधिक सशक्त रूप में सामने आएगी।

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