सैंट्रल  मार्केट  अवैध  अवैध निर्माण  प्रकरण 

 ध्वस्तीकरण से पहले ही व्यापारियों ने खुद तोड़े अपने प्रतिष्ठान

 सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दहशत में व्यापारी

 मेरठ। शास्त्री नगर के   सेंट्रल मार्केट के लगभग 700 दुकानदारों को 15 दिन के भीतर अवैध निर्माण हटाने के आदेश के बाद व्यापारियों ने स्वयं अपने प्रतिष्ठानों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है।  एक कॉम्पलेक्स के मालिक ने दुकानें पीछे हटाने का हवाला देते हुए खुद अपना प्रतिष्ठान तुड़वाना शुरू कर दिया।

दुकानदारों का कहना है कि उनको कहीं ना कहीं ऐसी उम्मीद है कि अगर वह सड़क किनारे बने नाले से अपनी दुकान 10 फीट पीछे कर लेंगे तो शायद वह सेट बैक के चलते इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से बच जाऐंगे। इसी कारण उन्होंने स्वयं अपनी दुकानों को पीछे हटाना शुरू कर दिया है।

आवास एवं विकास परिषद की ओर से स्कीम नंबर-7 के अंतर्गत सेक्टर-2, सेक्टर-5 और सेक्टर-6 के दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 27 जनवरी को दिए गए आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि यदि निर्धारित समय में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो परिषद स्वयं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने की थी, जिसमें छह सप्ताह के भीतर अवैध निर्माण ध्वस्त करने के आदेश दिए गए थे। इस मामले में अगली सुनवाई 13 मार्च को होनी है। इसी डर के चलते व्यापारी खुद अपने प्रतिष्ठान तोड रहे हैं।

कभी प्रचार तो कभी बंद से  किया  प्रदर्शन

व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए कभी बैनर लगाकर प्रदर्शन किया तो कभी काली पट्टी बांधकर दोस्तीकरण का विरोध किया लेकिन कुछ भी नतीजा नहीं निकाला और न्यायालय अपने आदेश करता था आखिर दोस्तीकरण से बचने की उम्मीद छोड़कर व्यापारियों ने स्वयं से ही अपने प्रतिष्ठान तोड़ने शुरू कर दिए

22 दुकानों को हुआ था ध्वस्तीकरण 

 पिछले साल  25 अक्टूबर को सेंट्रल मार्केट के 616/6 परिसर की 22 दुकानों का धस्तीकरण हुआ था। आवास विकास के अनुसार यह दुकान आवासीय प्लॉट में बनाई गई थी, जिस पर माननीय न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए इन दुकानों को ध्वस्त करने के आदेश दिए थे तभी से ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से सेंट्रल मार्केट के व्यापारी सहमे हुए हैं।

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