शिक्षा का मंदिर बना जिला कारागार,राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में रिमांड की शूटिंग
व्यवस्था बनाने के लिए गेट पर तैनात किए गये बाउंसर
मेरठ। इंचौली क्षेत्र के कस्बा लावड़ स्थित राष्ट्रीय इंटर कॉलेज इन दिनों चर्चा में है। आरोप है कि कॉलेज परिसर में फिल्म 'रिमांड' की शूटिंग बिना विधिवत अनुमति के कराई जा रही है। शूटिंग के लिए कॉलेज को अस्थायी रूप से जिला कारागार का रूप दे दिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों और अभिभावकों में हैरानी और नाराजगी है।
शूटिंग के कारण कॉलेज में बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर बाउंसर तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही, मीडियाकर्मियों को कॉलेज परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं और विवाद को दबाने के प्रयास का आरोप लग रहा है।
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने इस गतिविधि पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि एक शिक्षण संस्थान में ऐसी गतिविधियां बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों को प्रभावित कर सकती हैं। अभिभावक मांग कर रहे हैं कि यदि शूटिंग की अनुमति है, तो उसके दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं। बिना अनुमति काम होने की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने का सवाल भी उठ रहा है।
फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इस मामले पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था, नियमों के पालन और मीडिया पर प्रतिबंध को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बोले अधिकारी
प्रधानाचार्य देवेन्द्र कुमार का कहना है कि कॉलेज में शूटिंग की अनुमति नहीं दी गयी थी मुझे जानकारी नहीं थी कि डायरेक्टर ने प्रशासन से अनुमति नहीं ली है। डायरेक्टर से अनुमति लेने के लिए बोला जाएगा।
इस बारे में डीआईओएस राजेश कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। किसी भी सरकारी संस्थान को शूटिंग के लिए प्रधानाचार्य अनुमति नहीं दे सकते है। मामले की जांच करायी जाएगी।


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