टिश्यू कल्चर पर गन्ना शोध परिषद  का हैदरगढ़ चीनी मिल के साथ समझौता 

 महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु एस.आर.एल.एम. के साथ किया समझौता 

गन्ना विकास हेतु डेडीकेटेड बजट का व्यय करें चीनी मिलें

 मेरठ।  गन्ना उत्पादन, उत्पादकता में वृद्धि, गुणवत्ता सुधार एवं गन्ना किसानों की आय सम्वर्धन के उद्देश्य से प्रदेश के मंत्री चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास  लक्ष्मी नारायण चौधरी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेरठ  समेत प्रदेश के उप गन्ना आयुक्तों ने शिरकत की।  बैठक में नवीन गन्ना किस्मों का आच्छादन बढ़ाने तथा पुरानी किस्मों के प्रतिस्थापन, उन्नत किस्मों के सम्वर्धन, नवीन तकनीकों का उपयोग तथा गन्ना एवं चीनी उत्पादकता में सतत् वृद्धि सुनिश्चित करने से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कार्य योजनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

लाल बहादुर शास्त्री, गन्ना किसान संस्थान, डालीबाग  के सभागार में मा. गन्ना मंत्री की अध्यक्षता में कोर ग्रुप की पहली बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें गन्ना क्षेत्र के समग्र विकास हेतु ठोस पहल के रूप में उन्नतशील किस्मों के समान गुण वाले प्लान्टलेट्स से त्वरित आच्छान बढ़ाने के लिए टिश्यू कल्चर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बलरामपुर चीनी मिल एवं उ.प्र. गन्ना शोध परिषद, शाहजहाँपुर तथा महिला सशक्तिकरण के क्रम में विभाग में क्रियाशील महिला स्वयं सहायता समूहों की उपादेयता में बढ़ोत्तरी के लिए उ.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन तथा विभाग के मध्य मा. मंत्री  के समक्ष महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए।ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, महिला स्वयं सहायता समूहों की सहभागिता बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से इस समझौते के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को गन्ना क्षेत्र से संबंधित बीज गन्ना उत्पादन, नर्सरी विकास के साथ-साथ प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धित उत्पादों, प्रेरणा कैन्टीन, ड्रोन संचालन एवं अन्य सहायक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे एवं महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।

वर्तमान परिदृश्य में गन्ने की खेती में प्रयुक्त होने वाले श्रमसाध्य गतिविधियों, श्रमिकों की ससमय अनुपलब्धता एवं बढ़ती हुई खेती लागत के कारण गन्ने की खेती में यंत्रीकरण का वृहद अनुप्रयोग की अपरिहार्यता के क्रम में गन्ने की कटाई एवं छिलाई हेतु गन्ना हार्वेस्टर के विभिन्न निर्माताओं द्वारा प्रस्तुतिकरण किया गया।

बैठक में  मंत्री द्वारा विभागीय अधिकारियों एवं संबंधित संस्थाओं को निर्देशित किया गया कि प्रदेश की कृषि जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप उच्च उत्पादकता वाली, रोग प्रतिरोधक एवं गुणवत्तायुक्त गन्ना प्रजातियों को प्रोत्साहित किया जाए तथा पुरानी किस्मों को प्रतिस्थापित किया जाय। गन्ना किसानों को समय से बीज की समुचित उपलब्धता करायी जाय। जिससे गन्ना उत्पादन की लागत में कमी लाते हुए प्रति इकाई क्षेत्रफल उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

लक्षित आंकड़ों एवं गत पेराई सत्र में चीनी मिलों की पेराई अवधि तथा चीनी मिल द्वारा की गयी गन्ना पेराई के दृष्टिगत त्वरित आच्छादन, गन्ना किस्म विस्थापन, गन्ना उत्पादकता, पेड़ी प्रबन्धन, समन्वित रोग एवं कीट प्रबंधन, समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन एवं अप्रयुक्त गन्ना किस्मों के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण करते हुए वांछित पूर्ति हेतु चीनी मिलों को विभाग के समन्वय में मुख्य भूमिका निभाते हुए अपरिहार्य स्थलीय कार्ययोजना (माईक्रोप्लान) तैयार कर उस पर प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ ही सामयिक एवं सतत् अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।

बैठक में मा. मंत्री, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभागलक्ष्मी नरायण चौधरी, मिनिस्ती एस. गन्ना आयुक्त. उ.प्र. के साथ प्रबंध निदेशक, उ.प्र. सहकारी चीनी मिल संघ लि. तथा विभाग के समस्त वरिष्ठ अधिकारीगण, निदेशक, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ/उ.प्र. गन्ना शोध परिषद, चीनी मिल एवं गन्ना किसान प्रतिनिधियों के साथ मीडिया के सहयोगी सहभागी रहे।

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