रील: जानलेवा जुनून
 इलमा अज़ीम 
हाल में ही दिल्ली में रील बनाने के जुनून में एक निर्दोष की जान नाहक में जान चली गई। तेजगति स्कार्पियो से रील बनाते समय बाइक सवार की मौत हो गई। जिल्ली की यह घटना तो एक बानगी है। रील बनाने ते जुनून में कई युवा खुद भी अपने जान से हाथ धो बैठते हैं। 

दरअसल, आधुनिक तकनीक के रूप में मोबाइल या स्मार्टफोन जितना उपयोगी साबित हुआ है, उसके समांतर अब उसके ऐसे-खमियाजे भी सामने आ रहे हैं, जो कई बार व्यक्ति को बहुस्तरीय मानसिक परेशानियों के संजाल में फंसा लेते हैं, तो कभी वह उस चक्र में फंस कर अपनी जान भी गंवा बैठता है। स्मार्टफोन में कोई गेम खेलते हुए बच्चों के आत्महत्या कर लेने की खबरें अक्सर सामने आती रही हैं। मगर इसके अलावा आजकल सोशल मीडिया के अलग-अलग मंचों पर संक्षिप्त वीडियो या रील बना कर प्रसारित करने की प्रवृत्ति जिस तेजी से बढ़ती देखी जा रही है, उसने एक नई चिंता पैदा की है। 

हालत यह है कि सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी बात या किसी मनोरंजक गतिविधि को पहुंचाने के लिए लोग अजीबोगरीब तरीके भी अपनाने लगे हैं। इस क्रम में सामग्री तैयार करने के लिए वे किसी तरह के औचित्य के प्रश्न से नहीं जूझते, बल्कि उनके दिमाग में सिर्फ लोकप्रिय होने या ज्यादा से ज्यादा दर्शक हासिल करने की बात हावी रहती है। सूचना यह भी आई थी कि बांदा जिले में एक महिला अपने घर में साड़ी से फंदा बना कर लटक गई, जिससे उसका गला कस गया और आखिर उसकी जान चली गई। खबरों के मुताबिक, वह सिर्फ दिखाने के लिए रील बनाने की कोशिश कर रही थी। हाथ में स्मार्टफोन होने और उसके इस तरह के इस्तेमाल की यह अति है कि कोई सिर्फ शौक और लापरवाही की वजह से अपनी जान गंवा बैठे। 

रील बनाने के क्रम में हादसे का शिकार होकर मौत की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जो लोगों के बीच चर्चा और चिंता का कारण बनीं। ऐसे किसी हादसे का सबक यह होना चाहिए था कि लोग इस तरह के बेलगाम मनोभाव का शिकार न हों। मगर विडंबना यह है कि पिछले कुछ समय से स्मार्टफोन से रील बनाने का शौक अब विवेक और सुरक्षा के तमाम तकाजों को धता बताने की ओर बढ़ता लग रहा है।





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