शब ए बारात ...
इबादत में गुज़री रात, कब्रिस्तानों में चारागां
- शहर भर में दीनी जलसों का आयोजन
मेरठ। शब ए बारात के अवसर पर मंगलवार को मुसलमान इबादत में मशगूल रहे। नफ़ली नमाज़ों से लेकर कब्रिस्तानों में फतेहा पढ़ी गई और रात में चरागां हुआ। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर दीनी जलसों का आयोजन किया गया। जलसों में उलेमा ने शरीयती उसूलों पर चर्चा की और शब ए बारात की फ़ज़ीलत बयां की। ज़ोहर की नमाज़ के बाद सदर बाजार स्थित मदरसा इमदादुल इस्लाम में आयोजित जलसे में मौलाना मशहूदुर्रहमान शाहीन जमाली चतुर्वेदी ने शब ए बारात की रात को खुदा की रहमतों वाली रात बताया- उलेमा की अपीलों का असर कम, अंदरूनी इलाकों में आतिशबाज़ी
दारुल उलूम देवबंद और दूसरी बड़ी मुस्लिम धार्मिक तंजीमों और बड़े उलेमा के हस्तक्षेप के बाद आतिशबाज़ी में कमी तो ज़रूर दर्ज की गई लेकिन शहर के अंदरूनी इलाकों में आतिशबाज़ी हुई। कोटला से लेकर, घंटाघर, पूर्वा फैय्याज अली, खैर नगर, श्याम नगर, भूमिया पुल, तारापुरी, समर गार्डन, जाली कोठी और इस्लामाबाद की तंग गलियों में आतिशबाज़ अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आए और खतरनाक 'सुर्री' छोड़ी। बता दें कि मेरठ में हर बार कारी शफीक उर रहमान से लेकर नायब शहर काजी जैनुल राशेदीन तक मुसलमानों से आतिशबाज़ी न करने की अपील करते हैं लेकिन युवा हर बार उनकी अपीलों को दरकिनार करते आए हैं।
स्टंटबाज़ी से भी नहीं आए बाज़
सफेद बुर्राक कुर्ता पायजामा पहने और सिर पर टोपी लगाए युवा स्टंटबाज़ी से बाज़ नहीं आए। हापुड़ रोड पर तो दिन में ही युवा स्टंटबाज़ी करते दिखे। इसके अलावा लिसाड़ी रोड का भी यही हाल था। यहां भी खूब स्टंटबाज़ी हुई। यहां पुलिस की गैर मौजूदगी के चलते स्टंटबाजों के हौंसले बुलंद रहे।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतज़ाम, ट्रैफिक रहा डायवर्ट
. शब ए बारात पर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम रहे। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों से लेकर मिश्रित आबादी वाले इलाकों में विशेष चौकसी बरती गई। संभावित आतिशबाजी के साथ साथ दीनी जलसों को मद्देनजर रखते हुए शहर में ट्राफिक रूट भी डाइवर्ट रहा। इस दौरान एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र मिश्रा पूरे डायवर्जन पर निगाह रखे थे। शहर में दो कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स और एक कंपनी पीएसी तैनात की गई थी। मंगलवार को दिन में भी आतिशबाजी के संभावित क्षेत्रों में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया।
आसमान में मंडराते रहे ड्रोन
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ आतिशबाज़ी पर तीसरी आंख की भी पैनी नज़र रही। लिसाड़ी गेट, ब्रह्मपुरी, कोतवाली और दिल्ली गेट थानों में ड्रोन से विशेष मॉनिटरिंग की गई। इसके अलावा प्रत्येक थाना क्षेत्र में दो दो ड्रोन से निगरानी की गई। कमेला क्षेत्र के इर्द गिर्द के इलाकों पर भी विशेष फोकस किया गया।
कुछ इलाकों में दिन में ही छोड़ी गईं 'सुर्री', पुलिस ने भगाया
शाम को पुलिस की संभावित सख्ती को मद्देनजर रखते हुए कुछ इलाकों में युवाओं ने दिन में ही खतरनाक मानी जाने वाली आतिशबाजी रुपी सुर्री छोड़ी। कोटला, खैर नगर, पूर्वा फैय्याज अली और जाली कोठी इलाकों में दिन में ही खतरनाक सुर्री छोड़ी गईं। हालांकि जाली कोठी और पूर्वा फैय्याज अली इलाके के आतिशबाजों को पुलिस ने दौड़ा दिया।
फायर ब्रिगेड रहीं मुस्तैद
शब ए बारात पर संभावित आतिशबाज़ी के मद्देनजर शहर में विभिन्न स्थानों पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी तैनात किया गया था। बेगम पुल और घंटाघर पर पुलिस फोर्स का जमावड़ा रहा। शहर में आठ पॉइंट्स पर फायर ब्रिगेड और पांच स्थानों पर छोटी फायर ब्रिगेड को तैनात किया गया था।



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