यूपी  के आईपीएस  अफसरों का 'अनोखा' अर्थशास्त्र

करोड़ो की खरीदी गयी जमीनों के दिए गये ब्यौरे में घटे रेट 

कोई सबसे रईस तो किसी के पास घर तक नहीं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के रसूखदार आईपीएस अफसरों ने केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को अपनी अचल संपत्ति का जो ताजा ब्योरा (IPR-2026) सौंपा है, वह चौंकाने वाला है। इन दस्तावेजों में संपत्ति की कीमतों का ऐसा 'अनोखा अर्थशास्त्र' देखने को मिला है, जहाँ बाजार के नियम उल्टे पड़ते दिख रहे हैं। कहीं करोड़ों की जमीन कागजों में कौड़ियों की हो गई है, तो कहीं महीनों में कीमतें आसमान छू रही हैं।

सबसे रईस IPS संजीव त्यागी: 10 करोड़ की जमीन 3 करोड़ की कैसे हुई? बस्ती रेंज के डीआईजी संजीव त्यागी इस बार भी यूपी के सबसे अमीर आईपीएस अफसरों की सूची में शीर्ष पर हैं। उनके पास करीब 30 करोड़ रुपये की 5 बड़ी संपत्तियां हैं।गाजियाबाद का 'चमत्कार': संजीव त्यागी ने 2010 में गाजियाबाद के सदर इलाके में करीब 0.838 हेक्टेयर जमीन 40 लाख में खरीदी थी। 2025 के सरकारी ब्योरे में उन्होंने इस प्रॉपर्टी की कीमत 10 करोड़ रुपये घोषित की थी। लेकिन, 2026 के ताजा हलफनामे में इसी प्रॉपर्टी की वैल्यू घटकर मात्र 3.20 करोड़ रुपये रह गई।मोदीनगर की गिरावट: उनकी एक अन्य प्रॉपर्टी मोदीनगर में है, जिसे 2015 में 50 लाख में खरीदा गया था। 11 साल बाद उसकी कीमत बढ़ने के बजाय आधी होकर 26 लाख रुपये ही दिखाई गई है।

संभल के SP कृष्ण कुमार: अचानक बने 4 करोड़ के बंगले के मालिक संभल के चर्चित एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पिछले साल (2025) तक अपनी कोई अचल संपत्ति घोषित नहीं की थी। लेकिन 2026 के ब्योरे में उन्होंने राजस्थान में एक आलीशान मकान दिखाया है।इस घर में उनके भाई और बहन की भी हिस्सेदारी है और इससे उन्हें सालाना 4.80 लाख रुपये का किराया भी मिल रहा है।

 देवरिया SP संजीव सुमन: 6 महीने में डेढ़ गुना मुनाफा देवरिया के एसपी संजीव सुमन के निवेश ने बाजार को मात दे दी है। उन्होंने जून 2025 में लखनऊ में 20 लाख रुपये की एक जमीन खरीदी थी। दिसंबर 2025 (मात्र 6 महीने) में इसकी सरकारी वैल्यू उन्होंने 30 लाख रुपये घोषित की है। यानी 6 महीने में 50% का सीधा मुनाफा।

आईजी और एडीजी रैंक के अफसरों का निवेश

आकाश कुल्हरि (आईजी झांसी): इन्होंने लखनऊ के मोहनलालगंज में शिप्रा स्टेट टाउनशिप में 15 लाख रुपये में 240 वर्गमीटर की जमीन खरीदी है। जयपुर में भी उनका भाई के साथ साझा मकान है।के. एजिलारेसन (आईजी यूपी 112): संपत्ति की संख्या के मामले में ये सबसे आगे हैं। इनके पास 14 अलग-अलग संपत्तियां हैं।विनोद कुमार (एसपी कन्नौज): इनके पास पिछले साल 9 संपत्तियां थीं जिनकी कीमत 4.07 करोड़ थी। इस साल इन्होंने केवल 5 संपत्तियां दिखाई हैं, जिनकी वैल्यू 2.35 करोड़ है। यानी इनकी पुश्तैनी संपत्तियों के ब्योरे में कमी आई है।

अमीरी की भीड़ में 'फकीरी' की मिसाल हैरानी की बात यह है कि जहाँ कई जूनियर अफसर करोड़ों के मालिक हैं, वहीं लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार के पास अपनी कोई अचल संपत्ति नहीं है। डीजीपी, एडीजी कानून व्यवस्था और डीजी जेल जैसे शीर्ष पदों पर बैठे अफसरों की संपत्ति में पिछले साल के मुकाबले कोई खास बदलाव नहीं आया है। एडीजी आशुतोष पांडेय ने भी अपनी 4 संपत्तियों का विवरण साझा किया है, जिसमें पुश्तैनी निवेश मुख्य है।

नोयडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह द्वारा जमा किए गए हालिया अचल संपत्ति रिटर्न (Immovable Property Return) के अनुसार उनके पास लखनऊ में आवासीय संपत्ति (मकान/प्लॉट) है। उनके द्वारा घोषित विवरणों में एनसीआर क्षेत्र में भी अचल संपत्ति का उल्लेख है। उनके पति, राजेश्वर सिंह, प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पूर्व अधिकारी हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सरोजिनी नगर (लखनऊ) से भाजपा विधायक हैं। उनके साथ भी उनकी सम्पत्ति है।  एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश के पास भी करोड़ों की सम्पत्ति है जिनमे बिहार के भोजपुर और पटना समेत यूपी में भी 3 सम्पत्ति शामिल है ।

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