भारत में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में 13% की बढ़ोतरी
इलमा अज़ीम
देश में कैंसर के बढ़ते मामले एक गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। भारत सरकार द्वारा हाल ही में राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़ों और ICMR (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद) की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में लगभग 13% की वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर में ब्रेस्ट कैंसर सबसे प्रमुख है। 2021 में ब्रेस्ट कैंसर के मामले लगभग 2.13 लाख थे, जो 2025 तक बढ़कर 2.40 लाख से अधिक होने का अनुमान है। इसी अवधि में इससे होने वाली मौतों में भी वृद्धि हुई है। 2021 में यह आंकड़ा लगभग 91,700 था, जो 2025 में 1.03 लाख के पार पहुंच गया है।
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यद्यपि महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले सबसे ज्यादा हैं, लेकिन मृत्यु दर और घातकता के मामले में कुछ अन्य कैंसर भी शीर्ष पर हैं:
. फेफड़ों का कैंसर - पुरुषों में सबसे घातक
पुरुषों में होने वाली कैंसर से मौतों के लिए फेफड़ों का कैंसर सबसे बड़ा कारण है। यह अक्सर अंतिम चरण में पता चलता है, जिससे उत्तरजीविता दर (Survival rate) बहुत कम हो जाती है।
मुंह का कैंसर
भारत में पुरुषों में मुंह का कैंसर सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है और यह मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। इसका मुख्य कारण तंबाकू और गुटखे का सेवन है।
गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे घातक
महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर सबसे ज्यादा जान लेता है। 2025 में इसके 79,000 से अधिक मामले और करीब 42,700 मौतें दर्ज होने का अनुमान है।
मामले बढ़ने के मुख्य कारण
विशेषज्ञों और ICMR की रिपोर्ट के अनुसार, कैंसर के बढ़ते ग्राफ के पीछे ये कारण हैं:
जीवनशैली में बदलाव: मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड भोजन का अधिक सेवन।
देर से शादी और कम स्तनपान: शहरी क्षेत्रों में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर बढ़ने के ये प्रमुख कारक माने जा रहे हैं।
तंबाकू और शराब: ओरल और लंग कैंसर के पीछे 27% से अधिक योगदान तंबाकू का है।
जागरूकता की कमी:
भारत में लगभग 60% कैंसर रोगी तीसरे या चौथे चरण में अस्पताल पहुंचते हैं, जिससे इलाज कठिन हो जाता है।
बचाव और रोकथामभारत सरकार ने कैंसर की जल्द पहचान के लिए 770 जिला NCD क्लीनिक और 364 जिला डे-केयर कैंसर केंद्र संचालित किए हैं।
महत्वपूर्ण टिप: 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को नियमित रूप से 'मैमोग्राफी' और सर्वाइकल कैंसर के लिए 'पैप स्मीयर' टेस्ट कराना चाहिए।





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