मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर इंजीनियर की कार कैंटर से टकराई, मौत
नींद की झपकी लगने से हुआ हादसा, लोहे के एंगल कार का शीशा तोड़ते हुए अंदर घुसी
मेरठ। दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे पर पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में नोएडा सेक्टर-62 स्थित एक ट्रांसफार्मर कंपनी के इंजीनियर की मौत हो गई। बताया गया कि नींद की झपकी लगने के कारण उनकी वेगनआर कार सड़क किनारे खड़े लोहे के एंगल से लदे कैंटर में पीछे से जा टकराई।
हादसे में कार सवार नितिन पाल (28 वर्ष)निवासी मकान नंबर 398, सिवाया जमालउल्लापुर, मोदीपुरम गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी तेज थी कि कैंटर में लदे लोहे के एंगल कार का शीशा तोड़ते हुए अंदर तक घुस गए, जिससे वे कार में बुरी तरह फंस गए।राहगीरों द्वारा सूचना दिए जाने के बावजूद करीब दो घंटे बाद क्यूब हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और घायल इंजीनियर को मेरठ के सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक नितिन पाल नोएडा सेक्टर-62 स्थित एक ट्रांसफार्मर कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे और रविवार रात ड्यूटी पूरी कर मेरठ के मोदीपुरम स्थित अपने घर लौट रहे थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वह अपने पीछे एक से दो वर्ष का मासूम बेटा छोड़ गए हैं।हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर भीषण जाम लग गया। पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद यातायात बहाल कराया।
इस दौरान वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने हाईवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि यदि पेट्रोलिंग टीम समय पर पहुंच जाती, तो इंजीनियर की जान बचाई जा सकती थी। इसके अलावा काशी टोल प्लाजा से डासना तक के कट पत्थर के बैरियर लगाकर बंद किए जाने से आपातकालीन सेवाओं को पहुंचने में देरी हो रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कट बंद होने और समय पर मदद न मिलने के कारण अब तक तीन दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।


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