बजट में क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा? 

कैंसर की दवाओं से लेकर स्मार्टफोन तक जानिए 

 नयी दिल्ली। रविवार को संसद में केन्द्रीय    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026 में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता करने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने सीमा शुल्क  के ढांचे में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य और ऑटोमोबाइल सेक्टर में कई चीजें सस्ती हो गई हैं. हालांकि, राजस्व बढ़ाने और 'सिन गुड्स' पर नियंत्रण के लिए शराब और तंबाकू जैसे उत्पादों पर टैक्स का बोझ बढ़ाया गया है।बजट के बाद आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा.

ये हुआ सस्ता 

 17 कैंसर की दवाएं: कैंसर के इलाज को किफायती बनाने के लिए सरकार ने 17 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क पूरी तरह हटा दिया है। इससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के इलाज के खर्च में बड़ी कमी आएगी।

 चमडे से बने उत्पाद सस्ते हुए

लेदर प्रोडक्ट्स (चमड़े के उत्पाद): सरकार ने कच्चे चमड़े और इससे जुड़े कच्चे माल पर ड्यूटी घटाई है। इसके चलते अब ब्रांडेड जूते, बैग और चमड़े के कपड़े खरीदना पहले से सस्ता हो जाएगा।

  स्मार्टफोन कीमतें होगी सस्ती 

स्मार्टफोन्स: मोबाइल फोन के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स और कुछ खास कैपिटल गुड्स पर राहत दी गई है। इस फैसले से बाजार में नए स्मार्टफोन की कीमतें कम होने की उम्मीद है।

 ईवी  वाहन होंगे सस्ते 

ईवी (EV) बैटरियां: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए लिथियम-आयन सेल्स के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर टैक्स छूट दी गई है। इससे आने वाले समय में इलेक्ट्रिक कारें और स्कूटर सस्ते होंगे।

 घर की छतों पर सौलर पैनल लगाना होगा सस्ता 

सोलर पैनल्स: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को मजबूती देने के लिए सोलर सेल और पैनल्स के निर्माण में लगने वाले इनपुट्स पर ड्यूटी कम की गई है। अब घरों में सोलर सिस्टम लगवाना आपकी जेब पर कम भारी पड़ेगा।

 माइक्रोवेव ओवन होंगे सस्ते 

माइक्रोवेव ओवन: घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स को सस्ता करने के लिए माइक्रोवेव के कुछ खास पुर्जों पर आयात शुल्क कम किया गया है। बजट के बाद अब किचन के ये आधुनिक उपकरण अधिक किफायती दरों पर उपलब्ध होंगे।

खेल के सामान होंगे सस्ते 

स्पोर्टस  इक्विपमेंट: देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने खेल के सामान पर सीमा शुल्क घटाया है. अब क्रिकेट बैट से लेकर टेनिस रैकेट तक, स्पोर्ट्स गियर खरीदना युवाओं के लिए आसान होगा.

 इनसे होगी जेब ढीली 

क्या हुआ महंगा? शराब राज्यों द्वारा एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी और केंद्र के कड़े रुख के कारण शराब की कीमतों में उछाल आया है. इसके साथ ही प्रीमियम शराब और इंपोर्टेड वाइन पर लगने वाले टैक्स ने इसे और महंगा कर दिया है.

लग्जरी घड़ियां : सरकार ने आयातित लग्जरी घड़ियों पर सीमा शुल्क (Customs Duty) बढ़ा दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की घड़ियां अब और महंगी मिलेंगी. यह कदम देश में प्रीमियम वॉच मेकिंग को बढ़ावा देने और अमीरों पर टैक्स का बोझ बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है.

तंबाकू उत्पाद: सिगरेट और पान मसाला पर नई एक्साइज ड्यूटी और सेस लागू होने से इनकी कीमतों में 20% से 40% तक का उछाल आ सकता है. सरकार स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण इन हानिकारक उत्पादों के सेवन को महंगा कर हतोत्साहित करना चाहती है.

स्टॉक ऑप्शंस और फ्यूचर्स ट्रेडिंग एफएंडओ (F&O) सेगमेंट में सट्टेबाजी को कम करने के लिए सरकार ने प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) और कैपिटल गेन टैक्स के ढांचे में बदलाव किया है. इससे छोटे निवेशकों के लिए डेरिवेटिव ट्रेडिंग करना अब पहले के मुकाबले अधिक खर्चीला हो जाएगा.

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