भारत ने पाक से बीस गुणा ज्यादा यूएई से मात्र डेढ़ घंटे में की डील
नयी दिल्ली,एजेंसी। सोमवार को भारत के लिए एतिहासिक रहा। चंद घंटों के लिए भारत के दौरे पर आए यूएई के राष्ट्रपति ने भारत से पाक से बीस गुणा द्विपक्षीय व्यापार की डील कर डाली। पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है, जो पाकिस्तान के 20 अरब डॉलर के सपने को बौना साबित करता है.
वैसे कूटनीति की दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि शोर मचाने से सफलता नहीं मिलती। पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ अपनी डील का जमकर ढिंढोरा पीटा था, लेकिन सोमवार को दिल्ली में महज डेढ़ घंटे के भीतर एक ऐसी इबारत लिखी गई, जिसने इस्लामाबाद के सारे दावों को बौना साबित कर दिया। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा भले ही छोटी थी, लेकिन इसका नतीजा पाकिस्तान की सोच से भी बड़ा है। जहां पाकिस्तान 20 अरब डॉलर के सपने देख रहा है, वहीं भारत और यूएई ने 200 अरब डॉलर यानी करीब 16 लाख करोड़ रुपये का विशाल लक्ष्य तय कर दुनिया को चौंका दिया है।
आंकड़े झूठ नहीं बोलते और भारत-यूएई के बीच तय हुए नए लक्ष्य ने पाकिस्तान की आर्थिक हैसियत की पोल खोलकर रख दी है। इसे दो आंकड़ों से समझने की कोशिश करते हैं।
पाकिस्तान: शहबाज शरीफ सरकार ने सऊदी अरब के साथ बड़ी मुश्किल से 20 अरब डॉलर का ‘ट्रेड और निवेश टारगेट’ तय किया था। वर्तमान में उनका व्यापार महज 5.7 अरब डॉलर पर अटका है और वे अभी पहले चरण के 5 अरब डॉलर के निवेश के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।
भारत: दूसरी तरफ, भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने पुष्टि की है कि भारत और यूएई का द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पहले ही पार कर चुका है। अब पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति ने इसे दोगुना करते हुए 2032 तक 200 अरब डॉलर तक ले जाने का फैसला किया है।
डेढ़ घंटे की मुलाकात और ऐतिहासिक फैसले
पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पर यूएई के राष्ट्रपति का गले लगाकर स्वागत किया। इसके बाद पीएम आवास तक की यात्रा और महज डेढ़ घंटे की बैठक में जो फैसले लिए गए, वे पाकिस्तान की ‘कर्ज खाकर घी पियो’ डिप्लोमेसी के ठीक उलट है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2022 में हुए CEPA समझौते के बाद व्यापार रॉकेट की रफ्तार से बढ़ा है। अब 200 बिलियन डॉलर के लक्ष्य में भारत के MSME सेक्टर को पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरेशिया तक पहुँचाने का रोडमैप तैयार किया गया है।
कहां खर्च होगा ये पैसा
पाकिस्तान जहां सऊदी से रिफाइनरी और उधारी के तेल की बात कर रहा है, वहीं भारत और यूएई ने भविष्य की तकनीक पर हाथ मिलाया है। सबसे बड़ा समझौता गुजरात के धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन को लेकर हुआ है। यूएई यहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट, स्मार्ट टाउनशिप और नया पोर्ट डेवलपप करेगा। यह सीधा निवेश है, कोई कर्ज नहीं।
भारत की संस्था ‘इन-स्पेस’ और यूएई स्पेस एजेंसी मिलकर सैटेलाइट फैक्ट्री और लॉन्च कॉम्प्लेक्स बनाएंगी। साथ ही, न्यूक्लियर एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी सहमति बनी है।दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी पर काम शुरू कर दिया है। जो खरीद-फरोख्त से आगे बढ़कर साथ मिलकर हथियार बनाने की दिशा में बढ़ा कदम है। कहा जा रहा कि यूएई भारत के हथियार मार्केट में पैसा झोंकने जा रहा है।


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