इंजीनियर मौत केस में योगी का  बड़ा एक्शन

 नोएडा प्राधिकरण के सीईओ  हटाए गए, एसआईटी भी गठित

नोएडा। सेक्टर-150 स्थित निर्माणाधीन बेसमेंट में भरे पानी में गिरकर साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। प्रकरण की जांच के लिए एडीजी मेरठ जोन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) का गठन कर दिया है।

इसमें मंडलायुक्त मेरठ व चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी भी शामिल हैं, जो अपनी जांच रिपोर्ट पांच दिन में सीएम को सौपेंगे। इसी प्रकरण में नोएडा प्राधिकरण सीईओ डा. लोकेश एम को भी हटा दिया गया है। उन्हें शासन ने प्रतीक्षारत कर दिया है।

इसमें कहा है कि सिविल, एनटीसी, नियोजन विभाग के तमाम बिंदुओं की जांच की जाए, जिससे दोषी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। जांच रिपोर्ट तैयार करने से पहले सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के निर्देश का विशेष ध्यान रखा जाए, क्योंकि स्पोर्ट्स सिटी प्रकरण अदालत में विचाराधीन है, यह भूखंड उसमें शामिल है।

बता दें कि नोएडा सेक्टर-150 के पास एटीएस ली-ग्रैंडिओस मोड़ के पास ही यह हादसा हुआ। इस टर्न से रोजाना करीब 10 हजार से ज्यादा लोग आते जाते है। तीन दिन पहले यहां न तो कोई बेरीकेड था और न ही कोई लाइट। सिर्फ एक टूटी ड्रेन और सामने 30 फीट गहरा दलदली पानी।

घटना के 24 घंटे बाद लगाए बैरिकेड

निवासियों ने बताया की घटना के 24 घंटे के अंदर आनन फानन में यहां बैरिकेड किए गए। अधिकारियों के मुताबिक जिस भूखंड में गिरकर साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत हुई है, वह एससी-02, सेक्टर-150 भूखंड है, जिसे नोएडा प्राधिकरण ने थ्री सी लोटस ग्रीन डेवलपर्स स्पोर्ट्स सिटी प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित किया गया था।

प्राधिकरण से भूखंड लेने के बाद बिल्डर ने भूखंड को 24 छोटे-छोटे हिस्सों में दूसरे बिल्डरों को बेच मुनाफा कमा लिया। अब जिस भूखंड पर यह हादसा हुआ है, यह भूखंड लोटस ग्रीन ने किस बिल्डर को बेचा था, यह जानकारी अभी तक नोएडा प्राधिकरण अधिकारियों के पास नहीं है।

हालांकि एफआइआर के मुताबिक भूखंड विजटाउन प्लानर प्राइवेट लिमिटेड के नाम है यह भूखंड एससी 02 / ए 3 है। इसका एरिया 27 हजार 185 वर्गमीटर बताया जा रहा है। यह भूखंड वाणिज्यिक है। इसमें दुकान और फूड बेवरेज की दुकानों का निर्माण किया जाना था।

प्राधिकरण के दस्तावेजों में साइट खाली और कार्य को शुरू नहीं किया गया बताया गया है। हालांकि यह भूखंड वर्ष 2016 से खाली बताया जा रहा है, जबकि निवासियों का कहना है कि यहां डबल बेसमेंट खोदा गया है। इसमें पानी भरा है। इसमें युवराज मेहता की कार गिरी और उसकी मौत हो गई।

अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल ने बताया कि गठित समिति को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपनी है। इसके लिए टीम मौके पर जाएगी और वर्तमान स्थिति देखेगी।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts