अरुण ऋषि ‘स्वर्गीय’ ने बताए बिना दवा स्वस्थ रहने के उपाय
- हमारे हाथों की इंद्रियों में छिपा है स्वस्थ रहने का राजः
- बीते 46 सालों में एक भी दिन बीमार नहीं पड़े हैं अरुण ऋषि ‘स्वर्गीय’
- अरुण ऋषि ‘स्वर्गीय’ जी के बताए उपाय हमें सदा स्वस्थ रहने में सहायक बनेंगेः कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता
मेरठ। एक दवा निराली, 15 मिनट की ताली। यदि हम तालियों के माध्यम से अपने हाथों की इंद्रियों को जागृत रखेंगे तो न हम कभी बीमार पड़ेंगे और न ही किसी दवा की आवश्यकता होगी। आईआईएमटी विवि में आयोजित कार्यक्रम में आयुष्यमानभव ट्रस्ट उज्जैन के संस्थापक 73 वर्षीय अरुण ऋषि ‘स्वर्गीय’ जो 46 सालों में एक भी दिन बीमार नहीं पड़े ने अपने संबोधन में स्वस्थ रहने के उपाय बताए।
भारत के जाने-माने लाइफ कोच अरुण ऋषि ‘स्वर्गीय’ ने जीवद शरद शतम् के मंत्र के आधार पर बिना दवाइयों के सौ साल तक बेहतर जीवन जीने के उपाय बताए। उन्होंने बताया कि उनकी उम्र 73 साल है मगर बीते 46 सालों वो बिना कोलगेट, चाय कॉफी, शैम्पू, टूथ पेस्ट या किसी दवाई के स्वस्थ्य जीवन जी रहे हैं। उन्होंने बताया की 46 साल पहले उन्होंने लोगों के जीवन को स्वस्थ बनाने के लिए मिशन शुरू किया और आज आयुष्मानभव ट्रस्ट के माध्यम से वह देश भर का दौरा कर लाखों लोगों को स्वस्थ शरीर का निर्माण करने के लिए प्रेरित कर चुके हैं। टीक्यूपी अर्थात टोटल क्वालिटी पर्सन बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा की वह महीने में 18 दिन यात्रा करते हैं और इस दौरान वह दिन में एक ही बार भोजन करते हैं। जितना ज्यादा खाओगे उतनी जल्दी जाओगे इसलिए मनुष्य को सिर्फ जीने के लिए ही खाना चाहिए।
अरुण ऋषि ‘स्वर्गीय’ ने कहा की आयुर्वेद के अनुसार मनुष्य के तलवे और हाथ में संपूर्ण शरीर को चलायमान रखने की क्षमता है। मनुष्य का तलवा जितना चमकता है उससे कहीं अधिक उसका चेहरा दमकता है। इसलिए अपने पैरों को मिट्टी के बने स्क्रबर से रोज साफ करना चाहिए।
एक दवा निराली 15 मिनट की ताली का अर्थ समझाते हुए अरुण ऋषि ‘स्वर्गीय’ ने कहा की हमारे हाथों की इंद्रियों में स्वस्थ रहने का राज छिपा है। भजन-कीर्तन करते हुए तालियां बजाना सिर्फ भक्ति नहीं बल्कि विज्ञान है जो शरीर का बीमार होने से बचाता है। हाथों की हथेलियों को रगड़ कर नेत्रों पर लगाने से नेत्रों की ज्योति बढ़ती है। वहीं सुबह जागते ही अपने तलवों को रगड़ने से शरीर को ऊर्जा प्राप्त होती है। अरुण ऋषि ‘स्वर्गीय’ ने अनेक क्रियाओं और 5 मिनट ताली बजा कर स्वस्थ रहने के अनेक उपाय बताए।
आईआईएमटी विवि के कुलाधिपति योगेश मोहनजी गुप्ता ने लाइफ कोच अरुण ऋषि ‘स्वर्गीय’ का विश्वविद्यालय में आगमन और स्वास्थ व ज्ञान वर्धक जानकारियां देने के लिए आभार व्यक्त किया। कुलाधिपति जी ने कहा की अरुण ऋषि ‘स्वर्गीय’ जी के बताए मार्ग पर चलकर बिना बीमार पड़े स्वस्थ और प्रसन्न जीवन व्यतीत करने में सक्षम हो सकते हैं।
कार्यक्रम से पूर्व कुलाधिपति योगेश मोहनजी गुप्ता ने मंत्रोच्चार के साथ नवनिर्मित विराट सभागार का उद्घाटन किया। कुलपति डॉ दीपा शर्मा, कुलसचिव डॉ वीपी राकेश, डायरेक्टर एडमिन डॉ संदीप कुमार, डीन एक्टिविटी डॉ लखविंदर सिंह सहित सभी विभागों के संकाय अध्यक्ष, विभाग अध्यक्ष के साथ शिक्षक, कर्मचारी और छात्र सभागार में मौजूद रहे।


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