रिश्वतखोर जेई पहुंचा सलाखों के पीछे
दो लाख की रिश्वत लेने में धरा गया था अवर अभियंता
मेरठ। दो लाख रूपए की रिश्वत लेते ट्रैप हुए सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर को बुधवार को विजिलेंस की टीम ने कोर्ट में पेश किया। विजिलेंस ने जूनियर इंजीनियर को पेश करते हुए स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कोर्ट से रिमांड मांगा था, जिसे मंजूर कर लिया गया।इसके बाद जूनियर इंजीनियर को 14 दिन की रिमांड मंजूर करते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
बता दें इंचोली निवासी धर्म सिंह की डीएस कॉन्ट्रैक्टर्स के नाम से फार्म है। वह उम्रदराज हैं, इसलिए उनके बेटे अंकुर सिंह उनका कामकाज संभालते हैं। उनके द्वारा लगभग 8 लाख रूपए का एक काम किया गया था।सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर ब्रजराज सिंह ने पूरा पेमेंट कराने के लिए 3 लाख रूपए की रिश्वत मांगी। मंगलवार को अंकुर की शिकायत के बाद विजिलेंस की टीम ने ब्रजराज सिंह को 2 लाख रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
3.71 लाख के पेमेंट को मांगे 3 लाख रूपए
शिकायतकर्ता अंकुर ने बताया कि ऑफलाइन टेंडर के जरिए 1 दिसंबर, 2025 को उन्हें गाजियाबाद के मछरी माइनर (0.800 किलोमीटर से 1.600 किलोमीटर दूरी तक) के पुनर्स्थापना का कार्य मिला था।
30 दिसंबर को काम पूरा हो गया और अंकुर ने पिता की तरफ से पेमेंट की फाइल लगा दी। 4,32,644 रूपए का पेमेंट भी हो गया लेकिन शेष पेमेंट जो लगभग 3.71 लाख रूपए था, उसका पेमेंट करने के लिए 3 लाख रूपए की रिश्वत मांगी और ना देने पर धमकी दी।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा
बुधवार को विजिलेंस की टीम ने रिमांड के लिए जूनियर इंजीनियर ब्रजराज सिंह को स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कोर्ट में पेश किया।कोर्ट ने रिमांड पर सुनवाई करते हुए जूनियर इंजीनियर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का फरमान सुना दिया। विजिलेंस टीम शाम को जूनियर इंजीनियर को लेकर जेल पहुंची और दाखिल करा दिया।
कोर्ट के बाहर परिजनों की लगी भीड़
इससे पहले विजिलेंस की टीम आरोपी ब्रजराज सिंह को लेकर कोर्ट पहुंची तो वहां परिजनों का जमावड़ा लग गया। ब्रजराज सिंह की पत्नी, मां और परिवार के अन्य लोग वहां मौजूद दिखे। सिंचाई विभाग के भी कुछ कर्मचारी भी परिवार के साथ मौजूद थे।
पत्नी और मां को रोता हुआ देख परिजनों ने वहां से घर भेज दिया। उसके बाद विजिलेंस की टीम जूनियर इंजीनियर ब्रजराज सिंह को लेकर रवाना हो गई।


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