मुंबई। तीन साल हो गए.... और यह तारीख- 27 दिसंबर, चुपचाप मेरे महसूस करने, अनुभव करने, जीने और काम करने के तरीके को बदल रही है। यह कहना है बॉलीवुड सेलिब्रिटी आरती नागपाल का, उन्होंने कहा- 2023 में, मैं यहां एक सेलिब्रिटी मेहमान के तौर पर खड़ी थी। इस साल, मैं एक सेवक बनकर खड़ी हूं। वही त्योहार, वही जगह, फिर भी अंदर की दुनिया 180 डिग्री बदल गई है। वे कहती हैं कि- मुझे इतना कुछ मिला है, कि अब मैं बस देना, देना और देना चाहता हूं। उनके आशीर्वाद से, मेरे दिल में भरे प्यार को बांटना चाहता हूं।
आरती कहती हैं- समय बिजली की तेज़ी से भाग रहा है, ज़िंदगी हर दिन बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रही है और मेरा अंदर का मन, मेरा दिव्य साथी, मेरे मैत्रेय दादाश्रीजी। उन्होंने मुझे इतना गहराई से बदल दिया है कि अब कुछ भी पहले जैसा नहीं लगता। मैं और मेरे बच्चे अब निस्वार्थ सेवा भाव से ज़िंदगी जी रहे हैं, कभी भी, कहीं भी, तैयार.... जिंदगी में बहुत कुछ करने की चाह, अब लोक कल्याण के भाव में बदल गई है! आरती कहती हैं.... ईश्वर की कृपा से, दोनों बच्चों की उन्नति सही दिशा में हो रही है, दोनों कला और कृति के क्षेत्र में सुंदर फूलों की भांति खिल रहे हैं।
वे कहती हैं कि पूरी दुनिया एक बड़ा मंच बन गई है, प्यार, मैत्री और शांति दिखाने के लिए। अगर हम कर सकते हैं, तो आप भी कर सकते हैं। अपने जुनून को फॉलो करें। प्यार से काम करें। ज़िंदगी हमारे चुने हुए रास्तों से बनती है, हमने प्यार को चुना, हमने मैत्री भाव को चुना।
अपनी बेटी प्रियांशी और बेटे वेदांत को इतनी खूबसूरत आत्माओं के रूप में बढ़ते देखकर, ऐसी पर्सनैलिटी जिन्हें आज के युवा पसंद करते हैं और जिनसे प्रेरणा लेते हैं, मेरा दिल बहुत ज्यादा कृतज्ञता से भर जाता है। उनका संगीत भक्तिपूर्ण और मनमोहक है, उनके हाव-भाव दिव्य और कलात्मक हैं। यही... मेरे दादाजी का तोहफ़ा है!


No comments:
Post a Comment