दिल आ गया तुम पे...!  
                       
- ललिता जोशी
दिल से लिए गए निर्णय में भावना प्रधान होती है। दिल से मजबूर आदमी की सोचने समझने की तार्किक शक्ति जरा कम काम करती है। दिल की भावना चाहे शुद्ध हो या फिर राग युक्त। दिल का क्या करें ? शरीर का कितना अहम अंग है ये । पूरे शरीर का कार्य इस दिल के कारण ही चलता है । दिल धड़कना बंद तो शरीर निष्प्राण और आत्मा मोक्ष के द्वार। दिल पर राज करो और दिल की सुनो।
 ये विश्व के सभी प्राणियों पर लागू होता है । दिल तो दिल है चाहे वो किसी का भी  हो । आम आदमी से लेकर खास आदमी तक इसके नियंत्रण में रहता है।दिल किसी पर आ जाये तो उसकी प्राप्ति के लिए एड़ी से चोटी तक का ज़ोर तक का ज़ोर लगा दिया जाता है।जिसे वो प्राप्त नहीं कर पाता तो वो उसे बर्बाद कर डालता है । न कितने एक तरफा प्रेमियों ने अपने एक तरफा प्रेम को पाने के लिए कैसे -कैसे कांड किए हैं । कोई जान से मर जाता है तो कोई मार डालता है ।
इस दिल के कारण न जाने कितने युद्ध लड़े गए । पूरब से पश्चिम तक । इसका गवाह इतिहास है । आजकल एक आदमी का दिल हरी भूमि ,तेल और खनिज के अड्डे कहलाए जाने वाले देशों पर आया हुआ है और वो बाल हठ ,राज हठ और त्रिया हठ का कॉम्बो लिए हुए हैं । एक तो करेला दूसरा नीम चढ़े । कभी ग्रीन लेंड को चरने की इच्छा जागृत हो जाती है तो कभी तेल पीने की । कभी चौधराहट के लिए अपनी हाकना । छोटे-छोटे देशों को तो कीड़े -मकोड़ों की तरह  मसलने की चाह । 

ताकत का इतेमाल अपने से कमजोरों की सहायता और उनके उत्थान के लिए किया जाना चाहिए । कमजोर शिकार और ताकतवर शिकारी । जिन्हें कमजोर समझ ये अपनी हांक रहे हैं यदि सब एकजुट हो गए तो सिर पर पैर रखकर भागेगा ताकत का ये भंडार । याद है न वो कहानी   जब सारे कबूतर बहेलिये का जाल लेकर उड़ गए थे ।

ये दिलदार और ताकतवर शख्स का दिल पुरस्कार का भी का दीवाना है । वो भी ऐसे वैसे नहीं नोबेल प्राइज़ की चाह में ये बाहुबली जो करे वो कम है । मतिभ्रम और मतिभ्रष्ट का सम्मिश्रण है ये बाहुबली। कही राष्ट्रपति को पत्नी के साथ किडनेप कर डाला तो कहीं किसी को नोबल प्राइज़ मिला तो वो बाहुबली के साथ शेयर करने पहुँच गए। भाई बाहुबली का दिल अगर किसी पे आ जाए तो वो उसे हासिल करने के लिए एड़ी से चोटी का ज़ोर लगा डालता है । साम -दाम -दंड -भेद सभी को अपनाते हैं । इससे भी जब काम न बने तो टेरिफ का टेरर सभी को दिखा डाला। दूसरे देशों से आने वालों की वीजा की फीस बढ़ा दो,दूसरे देशों से आने वाले छात्रों की फीस बढ़ा दो ताकि इन देशों पर अपने पक्ष में दबाव बनवाया जा सके ।

दिल के मामले होते ही ऐसे हैं । पूरे विश्व में ऐसी अफरा-तफरी मचा कर रखो की मरता क्या न करता वाला माहौल बना दो और सभी इस बाहुबली के साथ हो जाए और उसका गलत भी सही हो जाए । वो अपनी जिद्द पूरी कर सके और हासिल कर ले वो सभी चीजें जिस पर दिल आया हुआ है । इतना जिद्दी और ढीठ है ये की जो इसको तव्ज्जो न दे तो उसको दिये हुए न्योते को वापस ले लो। खुद को बड़ा मानो और हरकतें ओच्छों और छिछोरों वाली। दिल तो दिल है दिल का कहिए !
(मुनिरका एंक्लेव, दिल्ली)






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