यूजीसी के नियमों के विरोध में राजपूत उत्थान सभा का विरोध प्रदर्शन 

जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की 

 मेरठ। यूजीसी के नये नियमों को विरोध तेजी से बढ़ता जा रहा है। यह नियम सरकार की गले की हडडी बन गया है। बुधवार को  कमिश्नरी पार्क पर  राजपूत उत्थान सभा ने यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा) विनियम, 2026 का विरोध किया। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इन नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की।

राजपूत उत्थान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सोम ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि UGC के नए नियम सामान्य वर्ग और राजपूत समाज के छात्रों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने इन नियमों को उच्च शिक्षा में समान अवसर की संवैधानिक भावना के विपरीत बताया, जिससे मेधावी छात्रों के साथ अन्याय होगा। डॉ. सोम ने संगठन की ओर से इन नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की।

सभा के राष्ट्रीय महासचिव कुँवर प्रताप सिंह ने कहा कि यह नीति सामाजिक संतुलन को बिगाड़ सकती है और शिक्षा व्यवस्था में असमानता को बढ़ा सकती है। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा का उद्देश्य सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करना होना चाहिए, न कि किसी एक वर्ग के अधिकारों का हनन करना।

प्रदेश अध्यक्ष अनिवेश पुंडीर ने केंद्र सरकार और यूजीसी  को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि इस निर्णय पर शीघ्र पुनर्विचार नहीं किया गया, तो राजपूत उत्थान सभा प्रदेश स्तर पर आंदोलन को तेज करेगी। पुंडीर ने कहा कि समाज अपने अधिकारों के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करने को तैयार है।इस प्रदर्शन में अंकुश चौहान, ठाकुर शनि प्रताप, अवजीत चौहान, चिराग चौहान, मुकुल चौहान सहित राजपूत समाज के बड़ी संख्या में युवा और कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने यूजीसी के इन नियमों का विरोध करते हुए समाज के शैक्षिक अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

राजपूत उत्थान सभा ने प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्र सरकार से मांग की है कि संविधान के मूल सिद्धांतों, सामाजिक समरसता और समान अवसर को ध्यान में रखते हुए यूजीसी के इन नियमों को तत्काल निरस्त किया जाए। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में किसी भी वर्ग के साथ अन्याय को रोकना है।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts