केन्द्रीय वित्त मंत्री के  बजट में  क्या इनकम टैक्स में मिलेगा 'सरप्राइज'?

कुछ ही घंटो में संसद में बजट  पेश करेंगी  केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 

   नयी दिल्ली।  अब सिर्फ कुछ घंटों में संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी. यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो एक बड़ा रिकॉर्ड बन रहा है। देश की पहली महिला वित्त मंत्री के तौर पर वो इतिहास रच रही हैं।  सुबह 11 बजे बजट पेश होगा। 

लोगों की इस बजट से बहुत उम्मीदें हैं. मिडिल क्लास से लेकर बिजनेसमैन तक सब उत्सुक हैं। खासकर महंगाई से राहत मिलने की आस है।रोजमर्रा की जरूरी चीजों जैसे दाल, तेल, चावल, सब्जियां, दवाइयां या बिजली-पानी पर टैक्स कम हो सकता है। इससे घर का खर्चा थोड़ा कम होगा और आम आदमी की जेब में कुछ पैसे बचेंगे. सरकार पिछले बजटों में भी महंगाई कंट्रोल करने की कोशिश करती रही है, और इस बार भी ऐसा ही कुछ होने की उम्मीद है. साथ ही टैक्स सिस्टम को और सरल बनाने पर फोकस रह सकता है, ताकि टैक्स भरना आसान हो जाए और कम झंझट हो।

निर्मला सीतारमण राष्ट्रपति भवन पहुंची

  निर्मला सीतारमण राष्ट्रपति भवन पहुंच गई है। कई दशकों तक, भारत के वित्त मंत्रियों ने बजट पारंपरिक लेदर ब्रिफकेस में प्रस्तुत किया, यह परंपरा देश के पहले वित्त मंत्री आर. के. शणमुखम चेत्ती द्वारा शुरू की गई थी। लेकिन 5 जुलाई 2019 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस परंपरा को तोड़ते हुए बजट बही-खाता (भारतीय शैली की अकाउंटिंग लेज़र) में पेश किया। इसके बाद 2021 में उन्होंने भारत का पहला पेपरलेस बजट टैबलेट पर प्रस्तुत किया, जिसे बही-खाता जैसी कवर में लपेटा गया था।

  पिछले बजट में ज्यादा ध्यान उपभोक्ता खर्च पर था, जबकि अब जरूरी है कि सरकार और प्राइवेट सेक्टर दोनों के निवेश को बढ़ावा दिया जाए। धातु क्षेत्र में इसके शुरुआती संकेत मिल रहे हैं। साथ ही, भारत में निवेश करने वाले सॉवरेन फंड्स के लिए टैक्स में राहत भी निवेश को बढ़ावा दे सकती है। वित्तीय क्षेत्र और फार्मा अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, जबकि धातु क्षेत्र थोड़ा फंडामेंटल से आगे चल रहा है। वैश्विक माहौल अनिश्चित है, इसलिए इसे ध्यान से देखना जरूरी है।

बजट 2026 से हमारी मुख्य उम्मीद ESOP टैक्सेशन में सुधार की है। आज कर्मचारी दो बार टैक्स भरते हैं – एक बार जब वे स्टॉक विकल्प का प्रयोग करते हैं (भले ही अभी मुनाफा नहीं हुआ हो), और दूसरी बार जब इसे बेचते हैं। शुरुआती स्टार्टअप टीमों के लिए यह कैश फ्लो पर बोझ डालता है, अक्सर ₹2–5 लाख या इससे ज्यादा। 



No comments:

Post a Comment

Popular Posts