सार्थक लेखन ही समाज को नई दृष्टि प्रदान करता है

सुजाता देशपांडे  के काव्य संग्रह 'शब्दलहरी' का लोकार्पण

 सपना सीपी साहू 

 इंदौर । कैलेंडर वर्ष के अंतिम दिवस  शहर की वरिष्ठ लेखिका एवं वामा साहित्य मंच की सदस्य सुजाता देशपांडे  के काव्य संग्रह 'शब्दलहरी' का लोकार्पण श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति में हुआ। 

कार्यक्रम का शुभारंभ स्मिता संगीत अकादमी के विद्यार्थियों के स्वागत् गीत एवं सरस्वती वंदना से हुआ। दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के पश्चात काव्य संग्रह का लोकार्पण हुआ। लेखिका ने अपने आत्मकथ्य में शब्दलहरी की यात्रा को संक्षिप्त में बताया। चर्चाकार के रूप में उपस्थित युवा कवयित्री एवं साहित्यकार वाणी जोशी ने कहा 'सार्थक लेखन ही समाज को नई दृष्टि प्रदान करता है' जीवन की आपाधापी में जिम्मेदारी की बैलगाड़ी पर सवार गाड़ीवान जब अपनी आकांक्षाओं पर लगे अंकुश की गठरी को खोलता है, तो जन्म लेती है एक 'शब्दलहरी'। जिसकी एक-एक कविता में अर्थ विस्तार है, जहाँ कविता के हर एक भाव, हर एक विचार के बहुआयामी अर्थ निकलते हैं। वरिष्ठ साहित्यकार हरेराम बाजपेई जी ने कहा अगर हमें अपनी संस्कृति को जीवित रखना है तो मोमबत्ती बुझाकर नहीं अपितु दीप प्रज्वलित कर भगवती की आराधना कर साहित्य सर्जन करना चाहिए।

उन्होंने काव्य संग्रह से लेखक की अभिलाषा कविता का वाचन भी किया। वरिष्ठ साहित्यकार प्रभु त्रिवेदी ने अपने एक दोहे से बात प्रारंभ की।

कृपा दृष्टि हो राम की तभी जगत सुखधाम।

हर सुविधा पर अन्यथा, पल में पूर्णविराम ॥

उन्होंने लेखिका को अपने काव्य संग्रह के लिए बहुत शुभकामनाएँ दी साथ ही मां एवं पिता के ऊपर लिखे अपने दोहे के माध्यम से काव्य संग्रह पर अपने विचार रखे।काव्य संग्रह को सुंदर मुख्य पृष्ठ के साथ सुंदर आकार दिया शब्दलहरी के प्रकाशक अश्विन खरे  ने।उन्होंने शब्दलहरी किताब पर बहुत संक्षिप्त में अपनी बात रखी और कहा कि शब्दलहरी के यान में बैठकर काव्य संग्रह की यात्रा में वे स्वयं बतौर प्रकाशक एवं पाठक के रूप में उपस्थित रहे, उन्होंने लेखिका को नए संग्रह के लिए अग्रिम शुभकामनाएँ भी दी । 

जानी मानी क्रिकेट खिलाड़ी संध्या अग्रवाल भी कार्यक्रम में उपस्थित थीं । उनका भी सुजाता जी ने परिवार के साथ स्वागत किया।वामा साहित्य मंच की अध्यक्ष ज्योति जैन ने वामा सखियों के साथ सुजाता जी का स्वागत किया ।कार्यक्रम का संचालन उषा गुप्ता  ने किया एवं आभार डॉ उर्जिता ठकार जी ने माना।

कार्यक्रम में वामा साहित्य मंच की अध्यक्ष ज्योति जैन, तनुजा चौबे, हिंदी परिवार के सदस्य सदाशिव कौतुक, प्रदीप नवीन, एम एल चतुर्वेदी, वरिष्ठ मराठी साहित्यकार अनिल जी धडवईवाले, अखंड संडे से मुकेश इंदौरी,  प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष मुकेश तिवारी ,मशहूर क्रिकेटर संध्या अग्रवाल के साथ शहर के कई गणमान्य जन की उपस्थिति रही।राष्ट्रगान के साथ में कार्यक्रम का समापन हुआ।

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