डॉलर के मुकाबले रुपये में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट
पहली बार 91.28 के निचले स्तर पर,
नयी दिल्ली। भारतीय करेंसी यानी रुपये के लिए बुधवार का दिन काफी खराब साबित हो रहा है। बुधवार, 21 जनवरी को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 31 पैसे टूटकर 91.28 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। यह पहली बार है जब रुपया 91 के स्तर को पार कर गया है। दुनिया भर में मची उथल-पुथल और विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार से पैसा निकालने की वजह से रुपये की वैल्यू गिरती जा रही है।
बुधवार को जब अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार खुला, तो रुपया 91.05 पर था, लेकिन कुछ ही देर में यह और गिरकर 91.28 पर आ गया। इससे पहले मंगलवार को भी रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 90.97 पर बंद हुआ था। बता दें कि डॉलर सूचकांक जो दुनिया की 6 बड़ी करेंसी के मुकाबले डॉलर की ताकत दिखाता है, वह फिलहाल 98.59 पर है।
घरेलू शेयर बाजार में गिरावट जारी
रुपये के साथ-साथ आज घरेलू शेयर बाजार भी सुस्त है, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 385.82 अंक टूटकर 81,794.65 अंक पर जबकि निफ्टी 91.5 अंक फिसलकर 25,141 अंक पर पहुंच गया।
क्यों गिर रहा है रुपया?
फॉरेक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह दुनिया भर में बढ़ी 'भू-राजनीतिक अनिश्चितता' यानी देशों के बीच बढ़ता तनाव है। जब भी दुनिया में तनाव बढ़ता है, तो निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं और सुरक्षित निवेश के लिए डॉलर की मांग बढ़ जाती है। डॉलर की इसी बढ़ती डिमांड ने रुपये पर दबाव बना दिया है. इसके अलावा, भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों (FIIs) का लगातार पैसा निकालना भी रुपये को कमजोर कर रहा है।


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