इंदौर में दूषित पानी से हुई 23वीं मौत

अस्पताल में इलाज के दौरान 65 साल के बुजुर्ग ने तोड़ा दम
 हाईकोर्ट ने नगर निगम से जवाब-तलब किया

नई दिल्ली (एजेंसी)।इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से मौतों का सिलसिला जारी है। इमली गली में रहने वाले भगवान भारने (65) ने सोमवार को शेल्बी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले रविवार को 22वीं मौत सामने आई। एमवाय अस्पताल के आईसीयू में भर्ती भागीरथपुरा निवासी 59 वर्षीय कमला बाई ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
बता दें कि दूषित पेयजल से यहां 3300 से अधिक लोग बीमार हुए हैं। इनमें से कई लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। मकान मालिक मनोज कुमार के अनुसार, कमला बाई करीब एक माह पहले ही पति तुलसीराम के साथ उनके यहां किराये से कमरा लिया था। दोनों पति-पत्नी मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे थे। छह जनवरी को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। स्वजन ने उन्हें संजीवनी क्लीनिक में दिखाया। प्राथमिक उपचार व दवाइयां देकर वहां से घर भेज दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम मोहल्ले में पहुंची और मरीज को ओआरएस व कुछ गोलियां दीं, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। सात जनवरी को स्वजन एमवाय अस्पताल ले गए, डाक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आईसीयू में भर्ती किया। तमाम प्रयासों के बावजूद नौ जनवरी की सुबह कमलाबाई ने दम तोड़ दिया।
हालांकि, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मृतका क्रोनिक किडनी डिजीज से पीड़ित थी। उसे डायलिसिस की सलाह दी गई थी, लेकिन नियमित रूप से नहीं कराया गया। चिकित्सकीय रूप से यह मामला दूषित पानी से जुड़े आउटब्रेक से संबंधित नहीं माना जा सकता, फिर भी स्थिति स्पष्ट करने के लिए शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है।
गौरतलब है कि इंदौर का भागीरथपुरा कांड 29 दिसंबर को चर्चा में आया था, जब 100 से अधिक लोग बीमार पड़े थे। इसके बाद ही दूषित जल से लोगों के मरने की जानकारी भी सामने आने लगी थी। मामले में पहली मौत 21 दिसंबर को हुई थी।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts