मेरठ में ठंड ने तोड़ा 20 साल का रिकाॅर्ड
13 डिग्री पहुंचा अधिकतम तापमान, न्यूनतम 6 डिग्री; आज स्कूल बंद
जिलें बिछी कोहरे की चादर ,रेंग -रेंग के चल रहे वाहन
मेरठ। पहाड़ों पर हो रही लगातार भारी बर्फबारी के कारण मैदानी क्षेत्रों में भी लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को कोहरा और शीतलहर ने ऐसा असर रहा कि सुबह से शाम तक सूरज के दर्शन नहीं हुए और ठंड का प्रकोप लगातार बना रहा। सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया, जिससे बीते 20 वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया।
शुक्रवार को शाम के समय अचानक घना कोहरा छा गया, दृश्यता इतनी कम थी कि 10 मीटर की दूरी पर भी कुछ साफ नजर नहीं आ रहा था। दिल्ली–देहरादून हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए और चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। कई जगह जाम जैसे हालात बन गए। कई जगह कोहरे के कारण एक्सीडेंट भी हुए। सुबह तक कोहरे में चादर बिछी हुई है।
19 जनवरी तक ठंड से राहत नहीं
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले दो दिनों तक कोहरा और शीतलहर का असर बना रहेगा। हल्की बारिश की संभावना जरूर है, लेकिन फिलहाल सर्दी से राहत के आसार कम हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 13.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
एक दिन खुलने के बाद फिर स्कूल बंद
कई दिन बाद स्कूल खुलने पर बच्चों को कोहरे और शीतलहर के बीच स्कूल जाना पड़ा। जिला प्रशासन ने स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक कर दिया है, इसके बावजूद सुबह 11 बजे तक भी कोहरा नहीं छंटा। ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम न होने से बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। इसको देखते हुए जिलाधिकारी ने फिर से स्कूलों की छुट्टी कर दी।
20 साल में सबसे सर्द 16 जनवरी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 16 जनवरी को दर्ज 13.1 डिग्री अधिकतम तापमान पिछले 20 वर्षों में सबसे कम रहा। इससे पहले वर्ष 2006 में अधिकतम तापमान 14.7 डिग्री और 2020 में 15.6 डिग्री दर्ज किया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बने रहने वाले कोहरे और शीतलहर के कारण ठंड का यह दौर अभी कुछ दिन और परेशान कर सकता है।



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