दि विश्व रैंकिंग 2026 में सीसीएसयू की ऐतिहासिक उपलब्धि
इंजीनियरिंग और फिजिकल साइंसेज़ में शोध गुणवत्ता व उद्योग सहभागिता में उल्लेखनीय सुधार
मेरठ। सीसीएसयू ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मंच पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज कराते हुए Times Higher Education (THE) World University Rankings 2026 में Engineering तथा Physical Sciences विषय क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। THE द्वारा यह प्रतिष्ठित रैंकिंग हाल ही में जारी की गई, जिसमें विश्व के 100 से अधिक देशों के विश्वविद्यालयों का समग्र मूल्यांकन किया गया।
रैंकिंग के अनुसार, Engineering विषय क्षेत्र में सीसीएसयू को 801–1000 रैंक बैंड में स्थान प्राप्त हुआ है, जहां विश्वविद्यालय ने Research Quality में 72.1 अंक, Industry Engagement में 21.9 अंक तथा International Outlook में 34.3 अंक अर्जित किए हैं। वहीं Physical Sciences विषय क्षेत्र में विश्वविद्यालय को 1001–1250 रैंक बैंड में स्थान मिला है, जिसमें Research Quality में 47.6 अंक, Industry Engagement में 19.3 अंक तथा Teaching में 21.8 अंक दर्ज किए गए हैं। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि विश्वविद्यालय का Research Index, उद्योग सहयोग और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता बीते वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ हुई है। यह भी उल्लेखनीय है कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने उपरोक्त कैटेगरी में उत्तर प्रदेश के सभी अनुदानित राज्य विश्वविद्यालय में सर्वोच्च रैंक बैंड प्राप्त किया है।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा, “सीसीएसयू की यह उपलब्धि केवल रैंकिंग नहीं, बल्कि हमारे शैक्षणिक परिवेश में आए सकारात्मक परिवर्तन और निरंतर सुधार की पहचान है। मैं विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस सफलता का श्रेय देती हूं और उनके सहयोग व समर्पण के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करती हूं। यह उपलब्धि हमें शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।”
विश्वविद्यालय के निदेशक (शोध एवं विकास) प्रो. बीरपाल सिंह ने बताया कि THE रैंकिंग में इंजीनियरिंग विषय में 72.1 का रिसर्च क्वालिटी स्कोर मिलना इस बात का प्रमाण है कि विश्वविद्यालय के शोध प्रकाशनों की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय उद्धरण प्रभाव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि फिजिकल साइंसेज़ में 47.6 का रिसर्च क्वालिटी स्कोर तथा 19.3 का इंडस्ट्री एंगेजमेंट स्कोर यह दर्शाता है कि सीसीएसयू का शोध अब समाज और उद्योग की आवश्यकताओं से अधिक प्रभावी रूप से जुड़ रहा है। वहीं इंजीनियरिंग क्षेत्र में 21.9 का इंडस्ट्री स्कोर और 34.3 का इंटरनेशनल आउटलुक स्कोर विश्वविद्यालय की वैश्विक भागीदारी और उद्योग-सहयोग की मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने इसे निदेशालय शोध द्वारा संचालित शोध संवर्धन योजनाओं, अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन प्रोत्साहन, पेटेंट सहयोग और उद्योग सहभागिता कार्यक्रमों का प्रत्यक्ष परिणाम बताया।
Times Higher Education संस्था विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन Teaching, Research Environment, Research Quality, Industry Income और International Outlook जैसे मानकों पर करती है। इन सभी मापदंडों पर सीसीएसयू का प्रदर्शन बेहतर हुआ है, विशेषकर Research Quality और Industry Collaboration में विश्वविद्यालय ने ठोस प्रगति दर्ज की है।
इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि से विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय और वैश्विक शैक्षणिक प्रतिष्ठा मजबूत होगी। छात्रों को विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक सहयोग, एक्सचेंज प्रोग्राम और उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। शोधकर्ताओं को वैश्विक फंडिंग एजेंसियों, उद्योग जगत और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से सहयोग के नए द्वार खुलेंगे। साथ ही विश्वविद्यालय में नई शोध परियोजनाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और नवाचार आधारित अकादमिक संस्कृति को गति मिलेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आगामी वर्षों में विशेष रूप से Engineering और Physical Sciences में उच्च प्रभाव वाले शोध, पेटेंट, उद्योग-सहयोग और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं पर फोकस बढ़ाने की योजना बनाई है, ताकि सीसीएसयू आगामी वैश्विक रैंकिंग में और बेहतर स्थान प्राप्त कर सके।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विवि परिवार के समस्त संकाय सदस्यों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक बधाई दी गई है।



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