नए श्रम कानून: नई संभावनाएं

कवलजीत सिंह 
हाल ही में 21 नवंबर को केंद्र सरकार ने देश में पांच साल के लंबे समय से प्रतीक्षित जिन नए श्रम कानूनों के तहत चार श्रम संहिता (लेबर कोड) को लागू कर दिया है, उनसे श्रमिकों के लिए राहत और उद्योग-कारोबार के लिए आर्थिक रफ्तार की नई संभावनाएं उभरकर दिखाई दे रही हैं। नए श्रम कानून के तहत चार श्रम संहिताएं- मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्तें संहिता 2020 शामिल हैं। 



ये नए श्रम कानून श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा में सुधार करने, व्यवसायों के लिए नियमों का अनुपालन करना आसान बनाने और बढ़ती अर्थव्यवस्था में अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने के मद्देनजर अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। नई श्रम संहिताओं के तहत श्रमिकों, उद्योगों और सरकार के हितों से संबंधित बहुआयामी लाभ उभरकर दिखाई दे रहे हैं।

 अब नियोक्ताओं को सभी श्रमिकों को नियुक्ति पत्र जारी करना होगा तथा गिग और प्लेटफॉर्म कामगारों सहित पूरे श्रमबल को सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान करना होगा। न्यूनतम मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने और 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों के लिए मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य जांच प्रदान की जाना भी सुनिश्चित की गई है। अब तय अवधि के लिए ठेके पर काम करने वाले कामगारों को स्थायी श्रमिकों के बराबर सभी लाभ मिलेंगे और वे 5 साल के बजाय सिर्फ एक साल बाद ग्रेच्युटी पाने के हकदार होंगे।



 नए श्रम नियम महिलाओं को रात की पाली में काम करने और देश भर में कर्मचारियों के राज्य बीमा लाभों का विस्तार करने की अनुमति भी देते हैं, इन सबसे श्रम की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ेगी।  अब आत्मनिर्भरता और स्वदेशी को नए श्रम कानून तेजी से आगे बढ़ा सकेंगे। साथ ही नई श्रम संहिताओं से देश-दुनिया में सेवा क्षेत्र के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की डगर पर तेजी से आगे बढ़ सकेगा। 



                 नए श्रम सुधार भारत की विकास दर को रफ्तार दे सकेंगे। उम्मीद करें कि देश में 21 नवंबर से लागू नई चार श्रम संहिताओं से श्रम नियमों के आधुनिकीकरण, श्रमिकों के कल्याण को बढ़ावा और श्रम पारिस्थितिकी तंत्र को कार्य की उभरती दुनिया के साथ संरेखित किए जाने जैसे नए आधारों से भविष्य के लिए तैयार कार्यबल और मजबूत, लचीले उद्योगों की मजबूत नींव रखी जाएगी, जो आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 

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